सुबह 6 बजे गोलियों की गूंज से दहला माली! एक साथ कई शहरों पर हमला, कौन है इसके पीछे और क्या है मकसद?

Mali Attack: माली में पहले से ही हालात नाजुक थे और सेना ने 2020-21 में सत्ता संभालते वक्त सुरक्षा बहाल करने का वादा किया था। अब एक साथ इतने बड़े हमले ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मौजूदा राष्ट्रपति असीमी गोइता की सरकार रूस से सुरक्षा मदद ले रही है और अमेरिका के साथ भी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रही है

अपडेटेड Apr 25, 2026 पर 6:33 PM
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Mali Attack: सुबह 6 बजे गोलियों की गूंज से दहला माली! एक साथ कई शहरों पर हमला, कौन है इसके पीछे और क्या है मकसद?

माली देश में शनिवार सुबह हालात अचानक बिगड़ गए, जब अलग-अलग जगहों पर एक साथ बड़े हमले शुरू हो गए। राजधानी बामाको समेत कई शहरों में बंदूकधारियों ने हमला किया, जिससे पूरे देश में हड़कंप मच गया।

सुबह करीब 6 बजे बामाको के लोग तेज गोलियों की आवाज और धमाकों से जागे। एयरपोर्ट और उसके पास के एयरबेस, साथ ही काती सैन्य कैंप के आसपास लगातार फायरिंग होती रही। सड़कों पर सेना तैनात कर दी गई और हेलीकॉप्टर आसमान में गश्त करते नजर आए। सेना ने लोगों से शांत रहने की अपील की है और कहा है कि वो हमलावरों को खत्म करने में जुटी है।

कई शहरों में एक साथ हमला


ये हमला सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं था। मध्य माली के सेवारे और उत्तर के शहर गाओ और किदाल में भी एक साथ गोलीबारी और हिंसा की खबरें आईं। किदाल में एक बागी संगठन ‘अजावाद लिबरेशन फ्रंट’ ने दावा किया है कि उसने कई इलाकों और सैन्य ठिकानों पर कब्जा कर लिया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

आतंकी और बागियों की मिलीजुली साजिश?

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले के पीछे अलगाववादी बागी और जिहादी आतंकी समूह मिलकर काम कर रहे हो सकते हैं। खासतौर पर अल-कायदा से जुड़े संगठन जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन (JNIM) की भी इसमें भूमिका बताई जा रही है।

सरकार के लिए बड़ी चुनौती

माली में पहले से ही हालात नाजुक थे और सेना ने 2020-21 में सत्ता संभालते वक्त सुरक्षा बहाल करने का वादा किया था। अब एक साथ इतने बड़े हमले ने सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

मौजूदा राष्ट्रपति असीमी गोइता की सरकार रूस से सुरक्षा मदद ले रही है और अमेरिका के साथ भी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रही है। लेकिन ताजा हमलों ने दिखा दिया है कि हालात अभी भी बेहद अस्थिर हैं।

क्यों खतरनाक है ये स्थिति?

माली में पहले हुए शांति समझौते टूट चुके हैं, जिसके बाद बागी और आतंकी समूह फिर से मजबूत हो गए हैं। अब एक साथ कई जगहों पर हमला होना इस बात का संकेत है कि ये संगठन मिलकर बड़ी साजिश रच रहे हैं।

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