Iran MP Taunts US: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध बुधवार, 11 मार्च को 12वें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर दोनों देशों के बीच एक नया 'इन्फॉर्मेशन वॉर' छिड़ गया है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिकी दावों पर ऐसा तंज कसा कि वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
अमेरिका का दावा और फिर डिलीट किया पोस्ट
विवाद की शुरुआत अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के एक सोशल मीडिया पोस्ट से हुई। क्रिस राइट ने पोस्ट किया कि अमेरिकी नौसेना के संरक्षण में एक तेल टैंकर ने सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। कुछ ही देर बाद व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ऐसी कोई नौसैनिक सुरक्षा नहीं दी गई थी। इसके तुरंत बाद क्रिस राइट ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया। इस झूठे दावे के बाद तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि बाजार को लगा कि रास्ता खुल रहा है, लेकिन हकीकत सामने आते ही अनिश्चितता फिर बढ़ गई।
गालिबाफ का तंज- 'शायद प्लेस्टेशन पर'
ईरानी संसद के अध्यक्ष गालिबाफ ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया। उन्होंने डिलीट किए गए अमेरिकी पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, 'अमेरिकी नौसेना के साथ एक तेल टैंकर ने होर्मुज पार किया? शायद प्लेस्टेशन पर!' गालिबाफ का यह कटाक्ष कुछ ही घंटों में 10 लाख से ज्यादा लोगों ने देखा। एक्सपर्ट शनाका परेरा के अनुसार, 'ईरानी स्पीकर ने सिर्फ 15 शब्दों और एक गेमिंग कंसोल के जिक्र से यह 'इन्फॉर्मेशन वॉर' जीत लिया। अमेरिका ने दावा गढ़ा, ईरान ने उसे फैक्ट-चेक किया।'
शनाका परेरा के मुताबिक, 'एक टैंकर को सुरक्षा देकर पार कराना केवल एक पब्लिसिटी स्टंट है, लेकिन पूरे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना एक बहुत बड़ा और जटिल औद्योगिक ऑपरेशन है।' अमेरिका के विरोधाभासी बयानों ने उसकी साख पर सवाल खड़े किए हैं, जबकि ईरान इसे अपनी रणनीतिक जीत के रूप में पेश कर रहा है।
होर्मुज का 'गणित' और जमीनी हकीकत
एक्सपर्ट्स का मानना है कि होर्मुज की जंग में फिलहाल पलड़ा ईरान का भारी दिख रहा है। युद्ध से पहले इस रास्ते से रोजाना 100 से ज्यादा टैंकर गुजरते थे, जो दुनिया के कुल कच्चे तेल का 20% हिस्सा था। अब यह यातायात लगभग पूरी तरह ठप है। फिलहाल सैकड़ों तेल टैंकर इस संकरे रास्ते के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। मिसाइलों, ड्रोन हमलों और समुद्री बारूद के डर से कोई भी जहाज आगे बढ़ने का जोखिम नहीं ले रहा है। प्रमुख वैश्विक बीमा कंपनियों ने इस क्षेत्र के लिए 'वॉर रिस्क कवर' वापस ले लिया है, जिससे व्यापार और मुश्किल हो गया है।