North Korea: उत्तर कोरिया के तानाशाही शासन को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी (NIS) का मानना है कि किम जोंग उन की बेटी जू ऐ (Ju Ae) को आधिकारिक तौर पर उनके उत्तराधिकारी के रूप में तैयार किया जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को सांसदों के साथ एक क्लोज-डोर मीटिंग में एजेंसी ने बताया कि यह केवल अनुमान नहीं, बल्कि 'पुख्ता खुफिया जानकारी' पर आधारित असेसमेंट है।
हाल ही में उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया (KCNA) ने कुछ तस्वीरें जारी की थीं, जिसमें जू ऐ अपने पिता के साथ एक नए टैंक को चलाते हुए दिखाई दे रही थी। NIS के अनुसार, टैंक चलाने और राइफल चलाने जैसी तस्वीरें जानबूझकर सार्वजनिक की जा रही हैं। इसका मकसद यह साबित करना है कि एक महिला उत्तराधिकारी होने के बावजूद जू ऐ में सैन्य नेतृत्व की पूरी क्षमता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठीक वैसा ही है जैसे 2010 के दशक की शुरुआत में किम जोंग उन को उनके पिता के उत्तराधिकारी के रूप में पेश करने के लिए उनके सैन्य दौरों की तस्वीरें दिखाई जाती थीं।
माना जाता है कि जू ऐ की उम्र फिलहाल 13 साल है। पिछले कुछ महीनों में उसकी भूमिका जिस तरह से बढ़ी है, उसने दुनिया का ध्यान खींचा है। खुफिया एजेंसी का मानना है कि जू ऐ को पहले ही उत्तर कोरियाई नेतृत्व में दूसरे सबसे शक्तिशाली व्यक्ति के रूप में देखा जाने लगा है। उसे बार-बार सैन्य परेडों, मिसाइल परीक्षणों और रक्षा आयोजनों में किम जोंग उन के ठीक बगल में देखा जाता है, जो एक स्पष्ट संकेत है कि उसे भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।
बुआ किम यो जोंग का क्या होगा?
अक्सर चर्चा रहती थी कि किम जोंग उन की शक्तिशाली बहन, किम यो जोंग इस उत्तराधिकार से नाखुश हो सकती हैं। लेकिन दक्षिण कोरियाई एजेंसी ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है। सांसदों के अनुसार, किम यो जोंग के पास अपनी कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है, वह केवल अपने भाई के आदेशों पर काम करती हैं। इसलिए जू ऐ के आगे आने से सत्ता के भीतर किसी बड़े टकराव की संभावना कम है।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
हालांकि खुफिया एजेंसी का दावा मजबूत है, लेकिन कुछ एक्सपर्ट्स अभी भी इसे अंतिम सच मानने से हिचक रहे हैं। 'कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल यूनिफिकेशन' के विश्लेषक होंग मिन का कहना है कि जू ऐ हमेशा अपने पिता के साथ ही नजर आती है। किम जोंग उन जब वारिस बन रहे थे, तब वे अकेले भी सैन्य दौरों पर जाते थे। जब तक जू ऐ स्वतंत्र रूप से बड़े फैसले नहीं लेती, तब तक उसे पूरी तरह वारिस कहना जल्दबाजी हो सकती है।