Trump Threatens Canada: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में पड़ोसी देश कनाडा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बार उनके निशाने पर है ओंटारियो और मिशिगन के बीच बन रहा 'गोर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज'। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक लंबी पोस्ट लिखकर धमकी दी है कि जब तक कनाडा अमेरिका के साथ 'उचित और सम्मानजनक' व्यवहार नहीं करता, तब तक वे इस पुल को खुलने नहीं देंगे। ट्रंप की मांग है कि इस पूरे प्रोजेक्ट में अमेरिका की कम से कम 50% हिस्सेदारी होनी चाहिए, क्योंकि इसके जरिए होने वाली कमाई का मुख्य जरिया अमेरिकी बाजार ही होगा।
'मुफ्तखोरी' के आरोप सहित ओबामा पर साधा निशाना
ट्रंप का मुख्य तर्क यह है कि कनाडा दशकों से अमेरिका का फायदा उठा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पुल के निर्माण में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 'बाय अमेरिकन एक्ट' से छूट दी थी, जिसके कारण इसमें अमेरिकी सामान के बजाय कनाडाई स्टील और सामग्री का इस्तेमाल हुआ। ट्रंप ने कहा, 'कनाडा इस पुल के दोनों किनारों का मालिक बना बैठा है, जबकि हमने उन्हें बहुत कुछ दिया है। अब समय आ गया है कि इस संपत्ति का आधा हिस्सा अमेरिका का हो।' ट्रंप ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि इस पर बातचीत तुरंत शुरू की जाएगी।
डेयरी, शराब और 'आइस हॉकी' पर कही बड़ी बात
अपनी पोस्ट में ट्रंप केवल पुल तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने कनाडा की व्यापारिक नीतियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कनाडाई डेयरी टैरिफ को अस्वीकार्य बताया और आरोप लगाया कि ओंटारियो के स्टोरों में अमेरिकी शराब को जगह नहीं दी जाती। कूटनीतिक मोर्चे पर उन्होंने कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को चेतावनी दी कि चीन के साथ बढ़ती नजदीकी कनाडा को 'जिंदा निगल जाएगी'। ट्रंप ने अपने पुराने दावे को भी दोहराया कि अगर ऐसा ही रहा, तो चीन कनाडा में खेले जाने वाले 'आइस हॉकी' को भी खत्म कर देगा।
मिशिगन के विरोध के बाद ट्रेड वॉर की आहट
ट्रंप की इस धमकी के बाद मिशिगन के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मिशिगन की गवर्नर ग्रेटचेन व्हिटमर के कार्यालय ने साफ किया है कि यह पुल साझा देखरेख में चलेगा और यह 'किसी न किसी तरह' जरूर खुलेगा। सीनेटर एलिसा स्लॉटकिन ने इसे राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए वरदान बताया है। दरअसल, यह विवाद ऐसे समय खड़ा हुआ है जब इस साल के अंत में USMCA (अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा) व्यापार समझौते की समीक्षा होनी है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह 'ब्रिज कार्ड' दरअसल कनाडा पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि आने वाली व्यापार वार्ताओं में अमेरिका को बड़ी बढ़त मिल सके।