Ocado Layoffs: छंटनी की मार लगातार बढ़ती ही जा रही है। ब्रिटेन की सुपरमार्केट टेक्नोलॉजी कंपनी ओकाडो ग्रुप पीएलसी ने लागत में कटौती के प्रयासों को तेज कर दिया है। कंपनी की योजना अधिकतम 1,000 एंप्लॉयीज की छंटनी का है। ब्रिटिश मीडिया ने इसका खुलासा 8 फरवरी 2026 को अपनी रिपोर्ट्स में किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ओकाडो में जितने एंप्लॉयीज को निकालने की योजना है, वह इसके कुल ग्लोबल वर्कफोर्स का करीब 5% हिस्सा होगा। हालांकि इसके लिए बातचीत अभी शुरुआती अवस्था में है और इस पर फैसला लिया जाना अभी बाकी है। इससे पहले वर्ष 2025 में कंपनी ने खर्च कम करने को लेकर टेक्नोलॉजी और फाइनेंस में 500 एंप्लॉयीज के छंटनी की योजना का ऐलान किया था और इससे भी पहले 2023–24 में 1,000 पदों को समाप्त किया गया था।
ओकाडो में एंप्लॉयीज की भारी-भरकम छंटनी की योजना का खुलासा ऐसे समय में हुआ है, जब करीब दो हफ्ते बाद 26 फरवरी 2026 को यह अपने कारोबारी नतीजे पेश करने वाली है। कंपनी ने पिछले महीने जनवरी में अगले वित्त वर्ष (दिसंबर-नवंबर) में पॉजिटिव कैश फ्लो के लक्ष्य को हासिल करने की बात दुहराई थी और अब 1000 एंप्लॉयीज के छंटनी की योजना सामने आई।
Ocado layoffs: इस बार किन एंप्लॉयीज पर होगा असर
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक छंटनी इसी महीने से हो सकती है और इसका असर कंपनी के यूके स्थित मुख्यालय पर पड़ेगा। इस कटौती से टेक्नोलॉजी से जुड़े पदों के साथ-साथ लीगल, फाइनेंस और ह्यूमन रिसोर्सेज यानी एचआर जैसी बैक-ऑफिस जॉब्स भी प्रभावित हो सकती हैं। ओकाडो के मुताबिक वह अपनी लॉन्ग-टर्म सक्सेस को सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर कारोबार की समीक्षा करती है। कंपनी का कहना है कि जब भी ऐसा कोई फैसला होता है तो सीधे एंप्लॉयीज से संपर्क किया जाता है और उन्हें हर समय सहयोग देना सुनिश्चित किया जाता है।
वर्ष 2000 में बनी ओकाडो ने मार्क्स एंड स्पेंसर समेत दुनिया के कुछ सबसे बड़े सुपरमार्केट को रोबोट-ऑपरेटेड वेयरहाउस तकनीक बेचकर अपना कारोबारी मॉडल बनाया है। इसके कारोबार को अभी हाल ही में तब झटका लगा, जब इसके दो प्रमुख उत्तरी अमेरिकी ग्राहकों ने लागत और एफिसिएंसी से जुड़ी चिंताओं के चलते कई ऑटोमेटेड फैसिलिटीज को बंद करने की योजना का ऐलान किया। हालांकि वेयरहाउसेज बंद होने के चलते कंपनी को मुआवजे में करोड़ों डॉलर मिलेंगे लेकिन किराने के सामान के तेजी से पैक और छांटकर डिलीवरी करने वाले एडवांस्ड रोबोट्स के जरिए वैश्विक सुपरमार्केट इंडस्ट्री को बदलने की इसकी महत्वाकांक्षाओं को एक बड़ा झटका लगा है।