Osman Hadi Murder Case: बांग्लादेश के युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या का मामला दिन-ब-दिन उलझता जा रहा है। मामले के मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद ने एक और वीडियो जारी कर ढाका प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी है। फैसल ने कैमरे के सामने अपना UAE का वीजा दिखाते हुए दावा किया है कि वह न तो भारत में है और न ही बांग्लादेश में, बल्कि सुरक्षित रूप से दुबई में रह रहा है।
फैसल के चौंकाने वाले दावे, बोला- 'मैं हत्यारा नहीं हूं'
फैसल मसूद ने वीडियो में सिलसिलेवार तरीके से अपनी सफाई पेश की है। फैसल का दावा है कि 12 दिसंबर को ढाका के पलटन इलाके में जब हादी की हत्या हुई, वह उससे ठीक 10 मिनट पहले वहां से निकल चुका था। उसने बताया कि वह पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर और गेम डेवलपर है। उसने हादी के संगठन 'इंकलाब मंच' को चंदा दिया था, लेकिन यह केवल सरकारी कॉन्ट्रैक्ट पाने की उम्मीद में किया गया व्यावसायिक निवेश था। फैसल ने सीधे तौर पर जमात-ए-इस्लामी (शिविर) को इस हत्या का मास्टरमाइंड बताया और खुद को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार करार दिया।
पुलिस की थ्योरी और सबूतों पर उठ रहे सवाल
फैसल ने बांग्लादेशी जांच एजेंसियों पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने जिस बाइक को सबूत बनाया है, फैसल ने माना कि वह उसी की है। लेकिन उसका दावा है कि उसे बाइक चलानी नहीं आती; उस दिन उसका दोस्त आलमगीर बाइक चला रहा था और वह पीछे बैठा था। फैसल का आरोप है कि पुलिस ने बाइक का नंबर बदल दिया और उसके लैपटॉप वाले बैग को 'हथियारों का बैग' बताकर पेश किया। उसने यह भी कहा कि उसके बीमार पिता को डरा-धमकाकर बयान दिलवाए गए।
कूटनीतिक उलझन में फंसा ढाका
यह मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है क्योंकि, ढाका पुलिस ने दावा किया था कि फैसल अवैध रूप से भारत के मेघालय भाग गया है। लेकिन फैसल के दुबई में होने के दावों और वीजा दिखाने के बाद बांग्लादेशी अधिकारियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पहले ही ढाका के बयानों पर आपत्ति जताते हुए खारिज कर दिया था। फैसल के नए वीडियो ने इन आशंकाओं को और पुख्ता कर दिया है।