ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बीत जाने के बाद भी पाकिस्तानी सेना और उसके हुक्मरानों के चेहरों पर भारतीय सेना का खौफ साफ-साफ दिखाई देता है। पाकिस्तान की सेना तो अपना ही मजाक बनवाने में पीछे नहीं रह रही है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना ने जो पराक्रम दिखाया था, उसके एक साल पूरे होने पर भारतीय अधिकारियों ने जो दुनिया को जानकारी दी, उससे सरहद पार खलबली मच गई। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता (DG ISPR) भारत के सवालों का जब कोई जवाब दे नहीं पाए, तब कैमरे अंग्रेजी का रोना रोने लगे कि भारतीय अधिकारी अंग्रेजी में बात क्यों कर रहे हैं?
भारतीय सेना के अंग्रेजी पर बिलबिलाया पाक?
बता दें कि, भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे होने पर मीडिया को जानकारी दी। इसके बाद पाकिस्तान ने भी एक अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हालांकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा पाकिस्तान की एक अजीब रिएक्शन को लेकर हुआ, जिसमें उसने भारत की ब्रीफिंग में अंग्रेजी के इस्तेमाल पर सवाल उठाया। भारतीय सेना की बातों पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने पूछा कि भारतीय अधिकारियों ने मीडिया को अंग्रेजी में क्यों जानकारी दी? उन्होंने कहा कि ऐसा शायद इसलिए किया गया ताकि पूरी दुनिया को बताया जा सके कि क्या हुआ था। उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इस बयान का मजाक उड़ाया और इसके पीछे की सोच पर सवाल उठाए।
बता दें कि, भारतीय सेना ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के एक साल पूरे होने पर प्रेस ब्रीफिंग की। ये ऑपरेशन बीते साल 7 मई 2025 को शुरू किया गया था। इसका मकसद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को खत्म करना था। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू की गई थी, जिसमें 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी। वहीं इसके बाद पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने रियर एडमिरल शिफात अली खान और एयर वाइस मार्शल तारिक गाजी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पाकिस्तान के 13 एयरक्राफ्ट तबाह
इससे पहले भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल ए.के. भारती ने पिछले साल चार दिन तक चले संघर्ष के दौरान हुई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने 7 मई को नौ आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पाकिस्तान के 11 हवाई अड्डों को निशाना बनाया और जमीन व हवा में मौजूद 13 एयरक्राफ्ट को तबाह कर दिया। इनमें 300 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर मौजूद एक बेहद महत्वपूर्ण हवाई संसाधन भी शामिल था। एयर मार्शल ए.के. भारती के अनुसार, इस पूरे संघर्ष के दौरान भारत के किसी भी सैन्य या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
उन्होंने यह भी बताया कि सशस्त्र बलों को इस मिशन के लिए साफ रणनीतिक लक्ष्य दिए गए थे। साथ ही सेना को कार्रवाई करने की पूरी आजादी भी दी गई थी। हालांकि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की शुरुआत में केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया था, लेकिन बाद में पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए। इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया और मामला बड़े सैन्य संघर्ष में बदल गया। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए थे। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा, जिसमें मुरीद और नूर खान जैसे बड़े एयरबेस भी शामिल थे। एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह ने कहा कि भारत के सटीक हमलों में पाकिस्तान के करीब 13 एयरक्राफ्ट को तबाह कर दिया गया था। इनमें अमेरिका में बने एफ-16 और चीन में बने जेएफ-17 लड़ाकू विमान भी शामिल थे।