Asim Munir: ईरान और अमेरिका की पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान के बैठक में शामिल होने के बाद पाक सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की है। मुनीर ने ट्रंप को एक बड़ी कूटनीतिक चेतावनी दी है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुनीर ने स्पष्ट किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा नौसैनिक घेराबंदी ईरान के साथ किसी भी स्थायी शांति समझौते की राह में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभर रही है।
बता दें कि आसिम मुनीर इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक भरोसेमंद मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में तेहरान का दौरा कर ईरानी नेतृत्व को अमेरिकी प्रस्ताव भी सौंपे थे।
'ब्लॉकेड खत्म किए बिना शांति संभव नहीं'
पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, जनरल मुनीर और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई। मुनीर ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी वार्ता को पटरी से उतार रही है। जब तक यह नाकाबंदी जारी है, तब तक ईरान से किसी भी ठोस डील की उम्मीद करना अवास्तविक है।
होर्मुज की खाड़ी सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि इस पूरी जंग का चोकपॉइंट बन गया है। ईरान का दावा है कि वह जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित कर रहा है, जबकि अमेरिका उसे अपनी नाकेबंदी से हटने के लिए मजबूर करना चाहता है।
'सलाह पर जल्द करेंगे विचार'
राष्ट्रपति ट्रंप ने मुनीर की इस सलाह पर सकारात्मक लेकिन सधा हुआ रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा कि वे मुनीर की सलाह को 'कंसीडर' करेंगे यानी इस पर गंभीरता से विचार करेंगे। वैसे ट्रंप ने यह भी दोहराया है कि अमेरिका पूरी तरह से 'ब्लैकमेल' नहीं होगा और अगर ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद करने की कोशिश की, तो अमेरिकी घेराबंदी जारी रहेगी।
'इस्लामाबाद टॉक 2.0' पर बढ़ता दबाव
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता शुरू होने वाली है। दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। समय कम है और दबाव बहुत ज्यादा। यही वजह है कि पाकिस्तान की कूटनीतिक टीम वाशिंगटन और तेहरान के बीच लगातार संपर्क में है ताकि मंगलवार तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके।