Get App

हालत बहुत खराब है! UN में फिर रोया पाकिस्तान, भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड करने को लेकर लगाई ये गुहार

कनाडा में आयोजित ग्लोबल वॉटर बैंकरप्सी पॉलिसी राउंडटेबल में बोलते हुए जादून ने आरोप लगाया कि भारत ने संधि के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने बिना सूचना दिए नीचे की ओर जाने वाले पानी के फ्लो में रुकावट डाली और अहम जल संबंधी आंकड़े साझा करना बंद कर दिया

Shubham Sharmaअपडेटेड Jan 21, 2026 पर 2:44 PM
हालत बहुत खराब है! UN में फिर रोया पाकिस्तान, भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड करने को लेकर लगाई ये गुहार
भारत के सिंधु जल संधि सस्पेंड करने को पाकिस्तान ने UN में लगाई ये गुहार

भारत की तरफ से सिंधु जल संधि को निलंबित रखने के फैसले पर पाकिस्तान में चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान का कहना है कि भारत के इस कदम से उसके यहां जल सुरक्षा संकट गहरा गया है और इससे क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा पैदा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रतिनिधि उस्मान जादून ने भारत के फैसले को “पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल” करने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का यह कदम 1960 में हुई सिंधु जल संधि का उल्लंघन है, जिसे संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता में लागू किया गया था।

भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इस हमले को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक गुट ने अंजाम दिया था।

कनाडा में आयोजित ग्लोबल वॉटर बैंकरप्सी पॉलिसी राउंडटेबल में बोलते हुए जादून ने आरोप लगाया कि भारत ने संधि के कई प्रावधानों का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने बिना सूचना दिए नीचे की ओर जाने वाले पानी के फ्लो में रुकावट डाली और अहम जल संबंधी आंकड़े साझा करना बंद कर दिया।

संधि के अनुसार, भारत को सिंधु नदी सिस्टम की पूर्वी नदियों- सतलुज, ब्यास और रावी- के पानी का पूरा इस्तेमाल करने का अधिकार है। वहीं पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों- सिंधु, झेलम और चिनाब- का पानी मिलता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें