'अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया और फेंक दिया' पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बहुत बड़ा कबूलनामा

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 1999 के बाद अमेरिका के साथ दोबारा रिश्ते मजबूत करना, खासकर 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद, पाकिस्तान के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का दो अफगान युद्धों में शामिल होना गलत फैसला था

अपडेटेड Feb 11, 2026 पर 12:52 PM
Story continues below Advertisement
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका के साथ अपने संबंधों को लेकर बहुत बड़ी बात कही

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका के साथ इस्लामाबाद के पुराने संबंधों को लेकर अब तक की सबसे सटीक और सही बात कबूल की। उन्होंने वाशिंगटन पर अपने रणनीतिक हितों के लिए पाकिस्तान का "शोषण" करने और फिर अपना मकसद पूरा होने के बाद उसे "टॉयलेट पेपर के टुकड़े की तरह" फेंक देने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में बोलते हुए आसिफ ने स्वीकार किया कि पाकिस्तान अक्सर अपने आतंकी इतिहास को नकारता है और इसे "अतीत के तानाशाहों की गलती" बताया।

पाकिस्तानी मंत्री ने दो अफगान युद्धों में इस्लामाबाद की भागीदारी को 'एक गलती' करार दिया और कहा कि पाकिस्तान में आज का आतंकवाद अतीत की गलतियों का ही नतीजा है।

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 1999 के बाद अमेरिका के साथ दोबारा रिश्ते मजबूत करना, खासकर 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद, पाकिस्तान के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हुआ।


उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने मकसद के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल किया और काम पूरा होने के बाद उसे “टॉयलेट पेपर की तरह फेंक दिया।”

आसिफ ने माना कि 2001 के बाद अमेरिका के नेतृत्व वाले अफगानिस्तान युद्ध में शामिल होना और तालिबान के खिलाफ जाना भी पाकिस्तान की बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका अफगानिस्तान से चला गया, तब पाकिस्तान को लंबे समय तक हिंसा, कट्टरता और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा।

उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान का दो अफगान युद्धों में शामिल होना गलत फैसला था। आज देश में जो आतंकवाद है, वह पहले की गलत नीतियों का नतीजा है।

आसिफ ने कहा कि पहले के सैन्य शासकों- जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ- ने अफगान युद्ध में हिस्सा इस्लाम के लिए नहीं, बल्कि एक महाशक्ति को खुश करने के लिए लिया था। उन्होंने माना कि जिहाद के नाम पर लोगों को लड़ाई में भेजा गया, जो गलत और नुकसानदायक था।

रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अपनी गलतियों को स्वीकार नहीं करता, लेकिन अब सच मानना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन फैसलों से जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।

आसिफ ने यह भी दावा किया कि इन युद्धों को सही ठहराने के लिए शिक्षा व्यवस्था में भी बदलाव किए गए, जिनका असर आज तक बना हुआ है।

भारत-पाक मैच को लेकर श्रीलंका ने संभाली कमान, राष्ट्रपति दिसानायके ने शहबाज शरीफ से की बात

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।