ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत न सिर्फ पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों का तबाह किया, बल्कि 11 एयरबेस को भी धुआं-धुआं कर दिया था। पाकिस्तानी एयरफोर्स के इस कमांड एंड कंट्रोल बिल्डिंग की मरम्मत का काम जोरों शोरों से चल रहा है। लेकिन भारत की ब्रह्मोस मिसाइलों ने ऐसी तबाही मचाई कि पाकिस्तानी एयरफोर्स अपने कमांड सेंटर तक को रिपेयर नहीं कर पा रही है। हाल की सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि चकवाल के पास अपने सबसे बड़े मुरीद एयरबेस पर एक खास कमांड और कंट्रोल सेंटर को रिपेयर करने और ठीक करने की पाकिस्तान एयर फ़ोर्स की कोशिशें नाकाम हो गई हैं।
सामने आई सैटेलाइट तस्वीरें
सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि पाकिस्तान ने चकवाल स्थित मुरीद एयरबेस की एक इमारत को पूरी तरह गिरा दिया है। बताया जा रहा है कि मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमलों में इस इमारत को भारी नुकसान पहुंचा था। सैटेलाइट इमेज एनालिस्ट डेमियन साइमन ने X पर एक पोस्ट में NDTV के वैंटोर से ली गई तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में साफ दिखाई देता है कि भारतीय हमले में तबाह हुए एयरबेस की इमारत अब पूरी तरह तोड़ दी गई है। डेमियन साइमन के मुताबिक, तस्वीरों से लगता है कि उस हमले में इमारत को अंदर से काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा था। शायद यही वजह है कि उसे ठीक करना संभव नहीं था और आखिरकार पाकिस्तान को उसे गिराना पड़ा।
ऑपरेशन सिंदूर में मची थी तबाही
पहले की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला था कि इस एयरबेस पर बड़े स्तर पर मरम्मत का काम चल रहा था। 10 मई को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कई ठिकानों के साथ इस एयरबेस को भी निशाना बनाया था। तस्वीरों में पहले देखा गया था कि तबाह हुए हिस्से को लाल तिरपाल से ढक दिया गया था, जिससे अंदाजा लगाया गया कि वहां मरम्मत का काम किया जा रहा है। एयरस्ट्राइक के बाद NDTV को मिली एक और सैटेलाइट तस्वीर में एयरबेस के अंदर गोला-बारूद से बना एक बड़ा गड्ढा दिखाई दिया। बताया गया कि यह गड्ढा पाकिस्तान एयरफोर्स की खास अंडरग्राउंड फैसिलिटी के एंट्री प्वाइंट से करीब 30 मीटर की दूरी पर था।
मुरीद एयरबेस पाकिस्तान के चकवाल जिले में स्थित है और माना जाता है कि यहां ड्रोन वॉरफेयर का सेंटर है। इस एयरबेस से शाहपार-1 और तुर्की में बने बायरकटर TB2 जैसे एडवांस ड्रोन (UCAV और UAV) ऑपरेट किए जाते हैं। इन ड्रोन का इस्तेमाल पिछले साल सैन्य तनाव के दौरान भारत के खिलाफ निगरानी और हमले से जुड़े मिशनों में किया गया था। भारतीय सैन्य अधिकारियों के अनुसार, मुरीद एयरबेस पर किया गया हमला उन ड्रोन हमलों का सीधा जवाब था, जो इसी बेस से बड़ी संख्या में लॉन्च किए गए थे।