जेल में अंधे हो गए इमरान खान, एक आंख की 85% रोशनी गई! पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट की रिपोर्ट में बड़ा दावा

रिपोर्ट में कहा गया है कि लापरवाही के कारण उनकी दाईं आंख की रोशनी अचानक लगभग पूरी तरह चली गई। इसके बाद ही PIMS अस्पताल के एक आई स्पेशलिस्ट को बुलाया गया। जांच में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) पाया गया, जिससे आंख को गंभीर नुकसान हुआ। इलाज के बाद भी उनकी दाईं आंख में सिर्फ 15 प्रतिशत नजर बची है

अपडेटेड Feb 12, 2026 पर 7:18 PM
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Pakistan: जेल में अंधे हो गए इमरान खान, एक आंख की 85% रोशनी गई

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर एक गंभीर रिपोर्ट सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त एमिकस क्यूरी (अदालत के मित्र) सलमान सफदर की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आदियाला जेल में बंद इमरान खान की दाईं आंख की करीब 85 प्रतिशत रोशनी जा चुकी है। रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान ने बताया कि अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की नजर सामान्य (6x6) थी। लेकिन उसके बाद उन्हें धुंधला दिखने की शिकायत होने लगी। उन्होंने कई बार जेल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि लापरवाही के कारण उनकी दाईं आंख की रोशनी अचानक लगभग पूरी तरह चली गई। इसके बाद ही PIMS अस्पताल के एक आई स्पेशलिस्ट को बुलाया गया। जांच में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) पाया गया, जिससे आंख को गंभीर नुकसान हुआ। इलाज के बाद भी उनकी दाईं आंख में सिर्फ 15 प्रतिशत नजर बची है।

सलमान सफदर ने जेल में मुलाकात के दौरान इमरान खान को परेशान और मानसिक रूप से बेहद तनाव में पाया। रिपोर्ट में लिखा है कि उनकी आंखों से पानी आ रहा था और वे बार-बार रुमाल से पोंछ रहे थे, जिससे शारीरिक असहजता साफ दिख रही थी।


रिपोर्ट यह भी बताती है कि अक्टूबर 2023 में आदियाला जेल में ट्रांसफर होने के बाद से इमरान खान को करीब दो साल चार महीने से एकांत कारावास (सॉलिटरी कन्फाइनमेंट) में रखा गया है। इससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

73 साल के इमरान खान को नियमित स्वास्थ्य जांच और निजी डॉक्टरों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी उम्र को देखते हुए नियमित ब्लड टेस्ट होने चाहिए थे, जो नहीं कराए गए। यहां तक कि पिछले दो साल में उन्हें दंत चिकित्सक (डेंटिस्ट) से भी नहीं मिलवाया गया, जबकि उन्होंने कई बार अनुरोध किया था।

परिवार और वकीलों से मिलने पर भी पाबंदियां लगाई गईं। रिपोर्ट के अनुसार, उनकी बहनों समेत करीबी परिवार के लोगों को नियमित मुलाकात की इजाजत नहीं दी गई, जबकि अदालत के आदेश थे। हाल ही में जेल अधीक्षक के बदलने के बाद उन्हें पत्नी से हफ्ते में एक बार करीब 30 मिनट मिलने की अनुमति मिली है।

उनके बेटों कासिम और सुलेमान से 2025 में सिर्फ दो बार फोन पर बात करने की इजाजत दी गई।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पिछले पांच महीनों से उन्हें अपने मुख्य वकील और कानूनी टीम से मिलने नहीं दिया गया, जिससे उनकी कानूनी तैयारी और बचाव प्रभावित हो रहा है।

सलमान सफदर ने चेतावनी दी है कि अगर तुरंत कदम नहीं उठाए गए तो उनकी सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों से तुरंत जांच कराने और परिवार व वकीलों से मिलने की सुविधा बहाल करने की सिफारिश की है।

इमरान खान के समर्थकों का कहना है कि यह रिपोर्ट उन आरोपों की पुष्टि करती है कि उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। रिपोर्ट में दर्ज उनके शब्दों के मुताबिक, उन्हें “सिर्फ जीने के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं” चाहिए।

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