पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में डर का माहौल साफ नजर आ रहा है। यह डर उसकी तैयारियों में साफ देखी जा रही है। पीओके में एक तरफ जहां सरकारी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर दी गई है। वहीं अब इमरेंजी रिलीफ फंड भी जारी किया गया है। भारत से बढ़ते तनाव को देखते हुए, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है।
बता दें कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का इलाका भारत के रडार में है। पहलगाम हमले के बाद पीओके को भारत में मिलाने की बात काफी तेजी से हो रही है।वहीं अब पीओके में डर का महौल ऐसा है कि यहां पहले से मंजूर सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियाँ भी रद्द कर दी गई हैं। यह फैसला शुक्रवार को मुख्य सचिव खुशाल खान द्वारा बुलाई गई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद लिया गया। इस बैठक में उन्होंने नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय कार्रवाई की आशंका के मद्देनज़र तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि ज़रूरी उपकरण, मशीनें और स्टाफ पूरी तरह से तैयार रहें ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत में सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बीच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भारतीय नेताओं द्वारा कड़ी प्रतिक्रिया देने की घोषणा के बाद पाकिस्तान में काफी डर का महौल देखा जा रहा है।
जरूरी सामानों को जमा करने के निर्देश
POK के प्रधानमंत्री चौधरी अनवारुल हक ने एक सर्वदलीय बैठक के बाद आदेश जारी किया, जिसमें नियंत्रण रेखा (LoC) के पास बसे लोगों को खाद्य और जरूरी सामान जमा करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, नीलम घाटी और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सुरक्षा तैयारियों को तेज़ कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिया गया है कि दवाएं और मेडिकल स्टाफ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें, साथ ही सभी एम्बुलेंस को काम करने की स्थिति में रखा जाए।
प्रशासन ने धार्मिक मदरसों को बंद करने का निर्देश दिया है और सैन्य हालात की आशंका के चलते 1 अरब रुपये का आपात राहत फंड भी तैयार किया गया है। यह सब उस हमले के बाद हो रहा है, जिसने पूरे भारत को झकझोर दिया है। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन टीआरएफ ने ली है। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सिंधु जल संधि को निलंबित करने जैसे कड़े कदम उठाने की घोषणा की है। देशभर में पाकिस्तान के खिलाफ सख्त जवाबी कार्रवाई की मांग तेज़ हो गई है।