Pakistan Strike Afghanistan: अफगानिस्तान में सत्ताधारी तालिबान सरकार ने पाकिस्तान की हालिया हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है। अफगानिस्तान ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाया है कि उसने अस्पताल में भर्ती आम नागरिकों पर जानलेवा हमले किए हैं। तालिबान ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना ने जान-बूझकर अस्पतालों, स्कूलों और मदरसों को निशाना बनाया ताकि आम नागरिकों के बीच दहशत एवं खौफ फैलाया जा सके। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना उन तरीकों का इस्तेमाल कर रही है जो बेगुनाह नागरिकों के खिलाफ इजरायली सेना करती है।
मुजाहिद ने दावा किया कि ये हमले कोई अलग-थलग सैन्य कार्रवाई नहीं थे। बल्कि आक्रामकता के एक लगातार चल रहे सिलसिले का हिस्सा थे। उन्होंने यह भी कहा कि अफगान हवाई क्षेत्र का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तानी के हालिया बमबारी पिछले कुछ महीनों की सबसे जानलेवा घटनाओं में से एक है। तालिबान के मुताबिक, काबुल में हुए हवाई हमलों में लगभग 400 लोग मारे गए और 250 से अधिक अन्य घायल हो गए।
मुजाहिद ने आरोप लगाया कि अफगान की राजधानी में एक नशा मुक्ति केंद्र पर हमला किया गया। इसके कारण वहां इलाज करवा रहे नशे के आदी 400 लोगों की मौत हो गई। काबुल ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। अफगानी सरकार ने इसे एक ऐसा अपराध बताया है जो विश्व स्तर पर मान्य मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। तालिबान के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाईयां वैध सैन्य ऑपरेशनों के बजाय आम नागरिकों पर सीधा हमला मानी जानी चाहिए।
अब पाक के साथ कोई कूटनीति या बातचीत नहीं
सख्ती से पलटवार करने का संकेत देते हुए मुजाहिद ने ऐलान किया है कि पाकिस्तान के साथ अब कोई कूटनीति या बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इसके बजाय तालिबान जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने आगे कहा कि उनका शासन उन लोगों की मौत का बदला लेगा जो इन हमलों में मारे गए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो इसके 'गंभीर परिणाम' होंगे।
हालांकि, पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन के बारे में बिल्कुल अलग ही दावा किया है। सूचना मंत्री अताउल्लाह तारार ने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने 16 मार्च की रात को 'ऑपरेशन गजब लिल हक' नाम के एक अभियान के तहत सटीक हवाई हमले किए। उन्होंने बताया कि इस मिशन का मकसद काबुल और नंगरहार में मौजूद अफगान तालिबान शासन की उन सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने काबुल में दो जगहों पर तकनीकी सहायता से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और गोला-बारूद जमा करने की जगहों को तबाह कर दिया। इस नंगरहार में तालिबान की सैन्य ठिकानों से जुड़ी चार अलग-अलग जगहों पर हमले किए गए। इस ऑपरेशन के दौरान इन ठिकानों के पास मौजूद लॉजिस्टिक्स हब, गोला-बारूद के गोदाम और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चरचे को भी नष्ट कर दिया गया है।