India-Pakistan War : भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार शाम 5 बजे लागू हुआ सीजफायर कुछ ही घंटों में टूट गया। पाकिस्तान ने सीजफायर लागू होने के 3 घंटे बाद ही तोड़ दिया। इसको लेकर विदेश मंत्रालय ने रात करीब 11 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि पिछले कुछ घंटों से इस समझौते का पाकिस्तान की ओर हो रहा है। वहीं भारत ने सेना को पाकिस्तान से हो रहे किसी कार्रवाई पर सख्त कदम उठाने का आदेश दिया है। वहीं सीजफायर तोड़ने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उल्टे भारत को गीदड़ भभकी दी है।
पाकिस्तान पीएम की गीदड़ भभकी
भारत के साथ युद्धविराम के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश को संबोधित किया। पाक पीएम ने भारत को गीदड़ भभकी देते हुए कहा कि, जंग को अंजाम तक पहुंचाकर दम लेंगे। पाकिस्तान की इज्जत के लिए फौज और अवाम दोनों काबिल हैं। हम लश्कर बनकर दुश्मन का मुकाबला करेंगे और दुश्मन को शिकस्त देंगे। भारत पर झूठे आरोप लगाते हुए पाक पीएम ने कहा कि, "भारत ने खुलकर हमला किया, लेकिन हम मजबूती से डटे रहे।" प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने युद्धविराम के बाद देशवासियों को बधाई दी है। हांलाकि पाकिस्तान ने युद्धविराम के नियमों को खुद नहीं माना और तीन घंटे बाद ही सीजफायर को तोड़ दिया।
पाकिस्तान की जनता को झूठी तस्सली देते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि, 'हमारी सेना ने दुश्मन को ऐसा घाव दिया है जो कभी भर नहीं पाएगा। भारत के हमले में पाकिस्तान के 26 लोग शहीद हुए हैं। ' पीएम पीएम ने ये भी का दावा किया कि, दहशतगर्दी से सबसे ज्यादा परेशान मुल्क पाकिस्तान है। हमने दहशतगर्दी के खिलाफ जंग में 90 हजार लोगों को गंवाया।'
अजीत डोभाल ने चीन से की बात
वहीं चीन के विदेश मंत्री वांग यी और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच बातचीत हुई। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत में डोभाल ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर चिंता जताई और आतंकवाद से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता और भारत-पाकिस्तान दोनों सीजफायर के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत की कोशिश है कि क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौटे।
वांग यी ने भी इस दौरान पहलगाम हमले की निंदा की और कहा कि चीन हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है। उन्होंने कहा कि इस समय दुनिया में हालात अस्थिर हैं, लेकिन भारत और पाकिस्तान पड़ोसी हैं और उन्हें आपस में शांति बनाए रखनी चाहिए। वांग यी ने भारत के इस रुख की सराहना की कि भारत युद्ध नहीं चाहता। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान बातचीत के ज़रिए समाधान निकालेंगे और शांति कायम करेंगे।