'आतंकवाद मानवता का दुश्मन है': त्रिनिदाद & टोबैगो की संसद में बोले पीएम मोदी, पढ़ें- संबोधन की बड़ी बातें
PM Modi Addresses Trinidad & Tobago Parliament: त्रिनिदाद और टोबैगो संसद की संयुक्त बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कि इस संसद में ऐसे कई लोग हैं जिनके पूर्वज बिहार से हैं, जो प्राचीन गणराज्यों की भूमि है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। हम आधुनिक भारत के निर्माण के लिए महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं
PM Modi Addresses Trinidad & Tobago Parliament: पीएम मोदी ने कहा कि आज दोनों देश आधुनिक विश्व में गौरवशाली लोकतंत्र और सशक्त स्तंभ के रूप में खड़े हैं
PM Modi Addresses Trinidad and Tobago Parliament: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (4 जुलाई) को त्रिनिदाद और टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक व्यवस्था नहीं, बल्कि यह हमारे लिए जीवन जीने का तरीका है। पीएम मोदी ने कहा, "मैं इस प्रतिष्ठित सदन में आपसे बात करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं।" उन्होंने कहा कि आज दोनों देश आधुनिक विश्व में गौरवशाली लोकतंत्र और सशक्त स्तंभ के रूप में खड़े हैं।
त्रिनिदाद और टोबैगो संसद की संयुक्त बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "इस संसद में ऐसे कई लोग (सांसद) हैं जिनके पूर्वज बिहार से हैं, जो प्राचीन गणराज्यों की भूमि है।" उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंध हैं। हम आधुनिक भारत के निर्माण के लिए महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं।"
पीएम मोदी ने आतंकवाद को मानवता का दुश्मन बताते हुए कहा कि वैश्विक समुदाय को इसे पनाह या कोई भी जगह नहीं देने के लिए एकजुट होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी घोषणा की है कि यह कैरेबियाई देश भारत के लिए प्राथमिकता वाला देश होगा।
उन्होंने कहा, "आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। इस 'रेड हाउस' ने खुद आतंकवाद के घाव और मासूम लोगों का खून बहते देखा है। हमें आतंकवाद को कोई भी पनाह या जगह न देने के लिए एकजुट होना चाहिए।" प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े होने के लिए कैरेबियाई देश की जनता और सरकार को धन्यवाद दिया।
'ग्लोबल साउथ' हमेशा हमारी प्राथमिकता: PM Modi
पीएम मोदी ने आगे कहा, "आतंकवाद मानवता का दुश्मन है। त्रिनिदाद और टोबैगो हमारे लिए प्राथमिकता वाला देश होगा। हम अपने विकास को दूसरों के प्रति दायित्व के रूप में देखते हैं।" उन्होंने कहा कि 'ग्लोबल साउथ' हमेशा हमारी प्राथमिकता रहेगा।
इससे पहले पीएम मोदी को शुक्रवार को त्रिनिदाद एवं टोबैगो के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'द ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित किया गया। पांच देशों की अपनी यात्रा के दूसरे चरण में कैरेबियाई द्वीप राष्ट्र की दो दिवसीय यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी को उनके वैश्विक नेतृत्व, भारतीय प्रवासियों के साथ उनके गहन जुड़ाव और कोविड-19 महामारी के दौरान उनके मानवीय प्रयासों के लिए यह सम्मान दिया गया।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, "मैं 'ऑर्डर ऑफ द रिपब्लिक ऑफ त्रिनिदाद एंड टोबैगो' से सम्मानित होने पर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं 140 करोड़ भारतीयों की ओर से इसे स्वीकार करता हूं।" इस पुरस्कार की घोषणा त्रिनिदाद एवं टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर ने गुरुवार को की, जिन्होंने मोदी की यात्रा को साझा गौरव और ऐतिहासिक संबंध का क्षण बताया।
वर्ष 1999 के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की त्रिनिदाद एवं टोबैगो की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। पीएम मोदी घाना से यहां पहुंचे। एक दिन पहले घाना में मोदी को देश के राष्ट्रीय सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया।
पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें
- त्रिनिदाद एवं टोबैगो की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं इस प्रतिष्ठित लाल सदन में बोलने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बनकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। पीएम मोदी ने कहा कि इस महान राष्ट्र के लोगों ने दो उल्लेखनीय महिला नेताओं को चुना है।"
- उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री... वे गर्व से खुद को प्रवासी भारतीयों की बेटियां कहती हैं। उन्हें अपनी भारतीय विरासत पर गर्व है। हमारे दोनों राष्ट्र औपनिवेशिक शासन की छाया से ऊपर उठे और साहस को अपनी स्याही और लोकतंत्र को अपनी कलम बनाकर अपनी कहानियां लिखीं।"
- पीएम मोदी ने आगे कहा, "हम भारतीयों के लिए लोकतंत्र सिर्फ एक राजनीतिक मॉडल नहीं बल्कि हमारे लिए यह जीवन जीने का एक तरीका है। इस संसद में भी कुछ ऐसे सदस्य हैं जिनके पूर्वज भारत के बिहार राज्य से आए थे, जो महाजनपदों...प्राचीन गणराज्यों की भूमि है।"
- प्रधानमंत्री ने क्रिकेट मैच का जिक्र करते हुए आगे कहा, "मुझे कहना होगा कि भारतीय वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के सबसे उत्साही प्रशंसकों में से हैं। हम पूरे दिल से उनका उत्साहवर्धन करते हैं, सिवाय उस समय के जब वे भारत के खिलाफ खेल रहे हों।"
- उन्होंने कहा, "180 साल पहले भारतीय समुद्र पार एक लंबी और कठिन यात्रा के बाद इस भूमि पर पहुंचे थे। भारतीय धुनें कैरेबियाई लय के साथ खूबसूरती से मिश्रित हुईं। राजनीति से लेकर कविता तक, क्रिकेट से लेकर वाणिज्य तक...वे हर क्षेत्र में योगदान देते हैं।"