यूरोप में 50% तक बढ़े गैस के दाम, ईरान के हमले के बाद कतर ने बंद किया LNG का उत्पादन
Europe Gas Prices Surge: ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर ने दुनिया के सबसे बड़े LNG एक्सपोर्ट प्लांट में उत्पादन रोक दिया। यूरोप में गैस कीमतें 50 प्रतिशत तक उछल गईं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरे से ग्लोबल एनर्जी मार्केट में नया संकट गहराया। जानिए डिटेल।
ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर ने दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यात केंद्र में उत्पादन रोक दिया।
Europe Gas Prices Surge: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने अब ग्लोबल एनर्जी मार्केट को सीधे झकझोर दिया है। ईरान के ड्रोन हमले के बाद कतर ने दुनिया के सबसे बड़े LNG निर्यात केंद्र में उत्पादन रोक दिया। इसके बाद यूरोप में गैस की कीमतें 50 प्रतिशत से ज्यादा उछल गईं और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
यह कदम बताता है कि संघर्ष अब सिर्फ सैन्य नहीं रहा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करने लगा है।
गैस बाजार में हड़कंप
QatarEnergy ने सोमवार को पुष्टि की कि उसके रस लाफान प्लांट में उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यह संयंत्र दुनिया की कुल LNG सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा देता है।
उत्पादन रुकते ही यूरोप के बेंचमार्क गैस फ्यूचर्स में करीब चार साल की सबसे बड़ी तेजी दर्ज हुई। इससे पहले ही ज्यादातर टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरना बंद कर चुके थे। यह वही जलमार्ग है, जिससे दुनिया के बड़े हिस्से का ईंधन निर्यात होता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की अहम नस है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत LNG निर्यात इसी रास्ते से गुजरते हैं। इस मार्ग पर ट्रैफिक कम होने से बड़ी रुकावटें पैदा हो गई हैं। कतर के स्टोरेज टैंक भरने का खतरा भी बढ़ गया है, क्योंकि निर्यात में देरी हो सकती है।
Bloomberg की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के आधे से ज्यादा बड़े समुद्री बीमा क्लब गुरुवार से फारस की खाड़ी में जाने वाले जहाजों को युद्ध जोखिम बीमा देना बंद कर देंगे। इससे इस क्षेत्र में शिपमेंट और कम हो सकती है।
यूरोप और एशिया पर असर
हालांकि मिडिल ईस्ट से निकलने वाला ज्यादातर LNG एशियाई देश खरीदते हैं, लेकिन सप्लाई रुकने पर वैकल्पिक स्रोतों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। इससे यूरोप समेत दुनिया भर में गैस की कीमतें ऊपर जा सकती हैं।
Bruegel के विश्लेषक सिमोन टाग्लियापिएत्रा ने कहा कि यह घटनाक्रम ऊर्जा बाजार के लिहाज से बड़ा मोड़ है। उनके मुताबिक, सप्लाई सुरक्षा पर खतरा अभी और यहीं है। यह संकट कितना लंबा चलेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि संयंत्र कितने समय तक बंद रहता है।
ऑक्सफोर्ड इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी स्टडीज के माइक फुलवुड का कहना है कि अगर मिडिल ईस्ट से LNG सप्लाई में लंबी बाधा आती है, तो कीमतों में वैसा ही झटका लग सकता है जैसा 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद देखा गया था। इससे यूरोप और एशिया के सरकारी बजट पर गंभीर दबाव पड़ सकता है।
इजरायल ने भी घटाया गैस उत्पादन
इस संकट के बीच इजरायल ने भी शनिवार को कुछ गैस उत्पादन क्षमताओं को अस्थायी रूप से बंद करने का आदेश दिया। इसमें उसका सबसे बड़ा लेवियाथन गैस फील्ड भी शामिल है।
इसके बाद मिस्र जैसे बड़े आयातक देश ने अतिरिक्त LNG कार्गो की तलाश शुरू कर दी है। अगर मिडिल ईस्ट में गैस व्यापार बाधित होता है, तो तुर्की की स्पॉट LNG मांग भी बढ़ सकती है, क्योंकि वह ईरान से पाइपलाइन गैस आयात करता है।
बाजार में तेज उछाल
एम्सटर्डम में यूरोप के गैस बेंचमार्क डच फ्रंट मंथ फ्यूचर्स 45 प्रतिशत चढ़कर 46.19 यूरो प्रति मेगावॉट घंटा पर पहुंच गया। इस बीच इजरायल, सऊदी अरब, कतर और यूएई में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में मिसाइल दागीं, जिन्हें कई देशों ने हवा में ही रोक लिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ बमबारी अभियान कई हफ्तों तक चल सकता है। ऐसे में कतर में LNG उत्पादन बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार एक नए जोखिम भरे दौर में प्रवेश कर चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि यह रुकावट कितने समय तक रहती है और सप्लाई चेन कितनी जल्दी सामान्य होती है।