रूस अगले दशक यानी अगले 10 सालों के भीतर चांद पर एक न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाने की योजना बना रहा है। न्यूक्लियर पावर प्लांट एक ऐसी 'बिजली बनाने वाली फैक्ट्री' समझ सकते हैं, जो कोयले या गैस के बजाय परमाणु (Atoms) को तोड़कर ऊर्जा पैदा करती है। इसका मकसद रूस के अपने मून प्रोग्राम और रूस-चीन के ज्वाइंट रिसर्च स्टेशन को बिजली देना है। आज के समय में दुनिया की बड़ी ताकतें चांद पर पहुंचने की होड़ में लगी हुई हैं।
