तुर्की की एक कंपनी द्वारा ऑपरेट किया जा रहा तेल टैंकर गुरुवार तड़के ब्लैक सी (काला सागर) में हमले का शिकार हो गया। तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने इस घटना की जानकारी दी। मंत्री ने बताया कि रूस से कच्चा तेल लेकर जा रहे इस जहाज में आधी रात के बाद इंजन रूम में धमाका हुआ, जिसकी सूचना इमरजेंसी कॉल सेंटर को दी गई।
उनके मुताबिक, हमला खास तौर पर इंजन रूम को निशाना बनाकर किया गया था, ताकि जहाज को पूरी तरह बेकार किया जा सके। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह हमला ड्रोन से नहीं, बल्कि पानी की सतह पर चलने वाले बिना चालक वाले वाहन (Unmanned Surface Vehicle) से किया गया।
मंत्री ने यह साफ नहीं किया कि हमला तुर्की के समुद्री क्षेत्र में हुआ या नहीं, लेकिन स्थानीय मीडिया के अनुसार यह घटना बोस्फोरस जलडमरूमध्य से करीब 30 किलोमीटर दूर हुई।
उन्होंने कहा, “यह बाहरी तौर पर किया गया धमाका लगता है, जिसका मकसद जहाज को पूरी तरह निष्क्रिय करना था।”
घटना के बाद मौके पर जरूरी टीमें भेज दी गई हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि दिसंबर में भी तुर्की में रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े कई सुरक्षा मामले सामने आए थे। राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगान ने चेतावनी दी थी कि ब्लैक सी को युद्ध का मैदान नहीं बनने देना चाहिए।
तुर्की की स्थिति इस मामले में संवेदनशील है, क्योंकि वह एक तरफ यूक्रेन के करीब है और दूसरी तरफ रूस के साथ भी उसके अच्छे संबंध बने हुए हैं।