चीन के 'सीक्रेट' न्यूक्लियर मिशन का खुलासा, सिचुआन के पहाड़ों में बना रहा परमाणु हथियार; सैटेलाइट तस्वीरों ने खोली पोल

China Secret Nuclear Facilities: विशेषज्ञों का मानना है कि इन बंकरों का इस्तेमाल 'हाई-एक्सप्लोसिव' टेस्टिंग के लिए किया जा रहा है। ये वो रासायनिक विस्फोटक होते है, जो परमाणु वारहेड के भीतर न्यूक्लियर मटेरियल को कंप्रेस के लिए इस्तेमाल किए जाते है

अपडेटेड Feb 16, 2026 पर 1:59 PM
Story continues below Advertisement
सिचुआन के जिटोंग नामक स्थान पर सैटेलाइट तस्वीरों में घाटी के बीचों-बीच नए बंकर और दीवारें दिखी है

China Secret Nuclear Facilities: चीन अपनी परमाणु ताकत को गुपचुप तरीके से बढ़ाने में जुटा हुआ है। नई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीन के सिचुआन प्रांत में बेहद गोपनीय परमाणु हथियार केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। इन तस्वीरों में नए बंकर, पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर और ऐसी संरचनाएं दिखी हैं, जो विशेषज्ञों के अनुसार परमाणु हथियारों के निर्माण और उनके परीक्षण के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।

Zitong में डेटोनेटर की हो रही टेस्टिंग

सिचुआन के जिटोंग नामक स्थान पर सैटेलाइट तस्वीरों ने घाटी के बीचों-बीच बने नए बंकरों और दीवारों को कैद किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन बंकरों का इस्तेमाल 'हाई-एक्सप्लोसिव' टेस्टिंग के लिए किया जा रहा है। ये वो रासायनिक विस्फोटक होते है, जो परमाणु वारहेड के भीतर न्यूक्लियर मटेरियल को कंप्रेस के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं।


हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक हुई झांग के अनुसार, परमाणु विस्फोट को सफल बनाने के लिए शॉक वेव्स को एक साथ केंद्र की ओर भेजना होता है, जिसे परफेक्ट बनाने के लिए इस तरह के ब्लास्ट टेस्ट जरूरी हैं।

'पिंगटोंग' में बना रहा परमाणु बम का 'दिल'

जिटोंग के पास ही 'पिंगटोंग' नामक एक दूसरी फैसिलिटी है, जो दोहरी बाड़ से सुरक्षित है। यहां की गतिविधियों ने दुनिया के कान खड़े कर दिए हैं। यहां एक विशाल मुख्य इमारत है जिसमें 360 फीट ऊंची वेंटिलेशन चिमनी लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साइट पर चीन परमाणु वारहेड के लिए 'प्लोटोनियम कोर' (Pits) तैयार कर रहा है। इसे परमाणु बम का 'दिल' कहा जाता है, जो विस्फोट की शुरुआत करता है।

हालिया तस्वीरों से पता चलता है कि इस इमारत का नवीनीकरण किया गया है। इसमें गर्मी निकालने के लिए नए वेंट और 'हीट-डिस्पर्शन' फीचर्स जोड़े गए है, जो बड़े पैमाने पर हो रहे उत्पादन का संकेत देते है।

क्या कहता है विशेषज्ञों का आकलन?

खुफिया विश्लेषक बाबियार्ज ने 'न्यूयॉर्क टाइम्स' को बताया कि पिंगटोंग परिसर का ढांचा उन सुविधाओं से मिलता-जुलता है, जिनका इस्तेमाल अन्य परमाणु संपन्न देश वारहेड पिट्स बनाने के लिए करते हैं। इन केंद्रों पर बढ़ता निर्माण इस बात का पुख्ता सबूत है कि चीन अपनी परमाणु मिसाइलों की संख्या और उनकी मारक क्षमता को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी कर चुका है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।