Saudi Arabia: 'हमले रोको वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहो', रियाद ने तेहरान को दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी

Saudi Arabia-Iran: रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से सीधी बात की और रियाद का रुख साफ कर दिया। सऊदी अरब अभी भी तनाव कम करने के लिए किसी भी तरह की मध्यस्थता और बातचीत के लिए तैयार है

अपडेटेड Mar 08, 2026 पर 1:03 PM
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रियाद ने स्पष्ट किया कि उसने अब तक अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए अपनी हवाई सीमा या जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है

Saudi Arabia Warns Iran: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच सऊदी अरब ने ईरान को बेहद कड़ा संदेश भेजा है। सऊदी अरब ने तेहरान से कहा है कि, वह राजनयिक समाधान के पक्ष में है, लेकिन अगर उसकी धरती और ऊर्जा ठिकानों पर हमले जारी रहे, तो वह चुप नहीं बैठेगा और 'जैसे को तैसा' जवाब देगा। बता दें कि अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरान खाड़ी के देशों में स्थित अमेरिकी प्रतिष्ठानों पर हमले कर रहा है।

सऊदी अरब का 'अल्टीमेटम'

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से सीधी बात की और रियाद का रुख साफ कर दिया। सऊदी अरब अभी भी तनाव कम करने के लिए किसी भी तरह की मध्यस्थता और बातचीत के लिए तैयार है। रियाद ने स्पष्ट किया कि उसने अब तक अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए अपनी हवाई सीमा या जमीन का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है। प्रिंस फैसल ने साफ कहा कि अगर सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे या तेल ठिकानों पर ईरानी हमले नहीं रुके, तो वह अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की अनुमति देने पर मजबूर हो जाएगा।


ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने मांगी माफी

शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पड़ोसी खाड़ी देशों से माफी मांगी।ईरान द्वारा नागरिक ठिकानों पर किए गए हमलों से उपजे क्षेत्रीय गुस्से को शांत करने के लिए पेजेशकियान ने खेद जताया। जहां राष्ट्रपति शांति की बात कर रहे हैं, वहीं ईरान के सैन्य कमान 'खातम अल-अंबिया' ने बयान जारी कर कहा कि पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकाने उनके निशाने पर बने रहेंगे। यह ईरान के नेतृत्व के भीतर मतभेदों को दर्शाता है।

ईरान की जवाबी मांगें

ईरानी सूत्रों के अनुसार, तेहरान ने सऊदी अरब की चेतावनी के जवाब में अपनी शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि खाड़ी देश अपने यहां स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करें। ईरान ने आरोप लगाया कि कुछ खाड़ी देश वाशिंगटन के साथ खुफिया जानकारी साझा कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल ईरान पर हमलों के लिए किया जा रहा है। तेहरान ने इसे तुरंत रोकने की मांग की है।

खाड़ी देशों पर हमलों की बारिश

पिछले एक हफ्ते में ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब पर भारी ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। 28 फरवरी को अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले खाड़ी देशों पर हमले तेज कर दिए थे। पिछले कुछ वर्षों में सऊदी अरब और ईरान के बीच सुधरते रिश्तों की नींव इन हमलों के कारण पूरी तरह हिल गई है।

डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर तंज

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान ने अपने पड़ोसियों से माफी सिर्फ इसलिए मांगी है क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने उस पर 'निरंतर और भीषण हमले' किए हैं। ट्रंप ने इसे ईरान के 'आत्मसमर्पण' के रूप में पेश किया है।

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