'पाकिस्तान के हिस्से का 'एक बूंद भी' पानी नहीं ले पाएगा भारत', मुनीर के बाद शहबाज शरीफ की गीदड़भभकी

शहबाज शरीफ ने एक कार्यक्रम में कहा, 'मैं आज दुश्मन को बताना चाहता हूं कि अगर आप हमारे पानी को रोकने की धमकी देते हैं, तो यह बात ध्यान में रखें आप पाकिस्तान का एक बूंद भी पानी नहीं छीन सकते'

अपडेटेड Aug 13, 2025 पर 9:21 AM
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पाकिस्तानी पीएम की यह टिप्पणी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी के इसी तरह के बयानों के बाद आई है

Shahbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी दी है कि वह पाकिस्तान के हिस्से का 'एक बूंद भी' पानी नहीं ले पाएगा। शहबाज शरीफ ने एक कार्यक्रम में कहा, 'मैं आज दुश्मन को बताना चाहता हूं कि अगर आप हमारे पानी को रोकने की धमकी देते हैं, तो यह बात ध्यान में रखें आप पाकिस्तान का एक बूंद भी पानी नहीं छीन सकते।' उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर भारत ने ऐसा करने की कोशिश की, तो 'आपको फिर से ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि आप कान पकड़ कर रह जाएंगे।' पाकिस्तानी पीएम की यह टिप्पणी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी के इसी तरह के बयानों के बाद आई है।

सिंधु नदी भारतीयों की पारिवारिक संपत्ति नहीं है: मुनीर

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने अमेरिका के फ्लोरिडा में पाकिस्तानी प्रवासियों को संबोधित करते हुए कथित तौर पर कहा था कि अगर भारत पानी की आपूर्ति रोकता है, तो पाकिस्तान किसी भी बांध को 'तबाह कर देगा'। डॉन अखबार ने उनके हवाले से कहा, 'हम भारत के बांध बनाने का इंतजार करेंगे और जब वे ऐसा करेंगे, तो हम उसे तबाह कर देंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि 'सिंधु नदी भारतीयों की पारिवारिक संपत्ति नहीं है।'


इससे पहले पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने को सिंधु घाटी सभ्यता पर हमला बताया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर देश को युद्ध में धकेला गया तो वह पीछे नहीं हटेगा।

भारत-पाक के बीच क्यों बढ़ रहा है तनाव?

अप्रैल 2025 में भारत के जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवादी हमला हुआ। भारत ने ये आरोप लगाया कि, हमलें में शामिल आतंकी पाकिस्तान से आए थे। इस जवाब में भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया जिसमें 100 से ज्यादा दहशतगर्द मारे गए। इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया। भारत ने एक बड़ी घोषणा ये भी कर दी कि 1960 की सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने बार-बार चेतावनी दी है कि उसकी जल आपूर्ति को रोकने का कोई भी प्रयास युद्ध का कार्य माना जाएगा।

क्या है सिंधु जल समझौता?

विश्व बैंक की मध्यस्थता से नौ साल की लंबी बातचीत के बाद 1960 में हुई सिंधु जल संधि के तहत सिंधु नदी प्रणाली का नियंत्रण भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित किया गया था। इस संधि के अनुसार भारत को रावी, ब्यास और सतलुज नदियों का नियंत्रण मिला, जबकि सिंधु, झेलम और चिनाब नदियों का नियंत्रण पाकिस्तान को दिया गया। इस बंटवारे के तहत भारत को कुल जल प्रवाह का 20 प्रतिशत हिस्सा मिलता है और शेष 80 प्रतिशत पाकिस्तान को दिया गया।

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