लॉबस्टर, किंग क्रैब से लेकर आईपैड तक, ईरान पर हमले से पहले पेंटागन ने खाने-पीने और विलासिता पर उड़ाए ₹7.8 लाख करोड़

Israel-Iran War: सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी अमेरिकी सैन्य अधिकारी अचानक बहुत महंगा खाना खाने लगते हैं, तो यह संकेत होता है कि कोई बड़ा युद्ध शुरू होने वाला है। इस बार भी यही हुआ। सितंबर के इस भारी खर्च के बाद जनवरी में वेनेजुएला और फरवरी में ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया गया

अपडेटेड Mar 12, 2026 पर 9:25 AM
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सितंबर में लगभग $90 लाख केवल केकड़ों और लॉबस्टर पर खर्च किए गए

Pentagon: एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच भीषण युद्ध चल रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय, पेंटागन के खर्चों ने सबको हैरान कर दिया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी और वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई से ठीक पहले पेंटागन ने लॉबस्टर, किंग क्रैब, महंगे स्टीक और विलासिता के सामानों पर $93 बिलियन यानी करीब 7.8 लाख करोड़ रुपये खर्च कर दिए।

क्यों हुआ इतना खर्च?

अमेरिका में एक नियम है कि सरकारी विभागों को अपना आवंटित बजट 30 सितंबर तक खर्च करना होता है। अगर बजट बच जाता है, तो अगले साल फंड में कटौती का डर रहता है। इसी 'सरप्लस' को खत्म करने के लिए रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के नेतृत्व में पेंटागन ने सितंबर के महीने में अंधाधुंध खरीदारी की।


खाने की थाली में क्या था खास?

वॉचडॉग समूह 'ओपन द बुक्स' के विश्लेषण के अनुसार, सैनिकों और अधिकारियों के मेनू में बेहद महंगी चीजें शामिल थीं। सितंबर में लगभग $90 लाख केवल केकड़ों और लॉबस्टर पर खर्च किए गए। इसमें $69 लाख के लॉबस्टर टेल और $20 लाख के अलास्का किंग क्रैब शामिल थे। रिबआई स्टीक पर $1.5 करोड़ और सैल्मन मछली पर $10 लाख खर्च हुए। यहां तक कि सुशी बनाने वाली टेबल्स के लिए भी $26,000 दिए गए। नई आइसक्रीम मशीनों के लिए $1.24 लाख और डोनट्स के ऑर्डर पर $1.39 लाख से अधिक खर्च किए गए।

शानदार फर्नीचर और गैजेट्स

पेंटागन का खर्च केवल खाने तक सीमित नहीं था। वायु सेना प्रमुख के लिए $1 लाख का 'स्टाइनवे एंड संस' ग्रैंड पियानो खरीदा गया। फर्नीचर पर कुल $22.5 करोड़ खर्च हुए, जिसमें $60,000 के महंगे 'हरमन मिलर' रिक्लाइनर और $12,500 के फ्रूट बास्केट स्टैंड शामिल हैं। एपल डिवाइसेस पर $53 लाख और आईटी-टेलीकॉम पर करीब $6 बिलियन खर्च किए गए।

युद्ध की आहट या फिजूलखर्ची?

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि जब भी अमेरिकी सैन्य अधिकारी अचानक बहुत महंगा खाना खाने लगते हैं, तो यह संकेत होता है कि कोई बड़ा युद्ध शुरू होने वाला है। इस बार भी यही हुआ। सितंबर के इस भारी खर्च के बाद जनवरी में वेनेजुएला और फरवरी में ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया गया।

बचत का वादा और अरबों का खर्च

हैरानी की बात यह है कि फरवरी 2025 में ही रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 'सरकारी दक्षता विभाग' (DOGE) की समीक्षा का स्वागत किया था ताकि बर्बादी कम की जा सके। उन्होंने फॉक्स न्यूज से कहा था, 'हमें यह जानने की जरूरत है कि हमारा एक-एक डॉलर कहा जा रहा है।' लेकिन आंकड़ों ने उनके दावों के ठीक उलट तस्वीर पेश की है।

जहां एक तरफ पेंटागन विलासिता पर अरबों खर्च कर रहा है, वहीं ईरान के खिलाफ युद्ध के शुरुआती दो दिनों में ही $5.6 बिलियन के हथियार और गोला-बारूद इस्तेमाल हो चुके हैं। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि यह युद्ध जल्द खत्म होगा, लेकिन खर्च की गई यह भारी भरकम राशि अमेरिकी करदाताओं के बीच बहस का मुद्दा बन गई है।

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