बांग्लादेश में तैनात एक भारतीय अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। चटगांव (Chittagong) स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग (Indian Assistant High Commission) के दफ्तर से आज सुबह 'नरेंद्र धर' नाम के एक भारतीय प्रोटोकॉल अधिकारी का शव बरामद किया गया है। इस घटना के बाद से भारतीय राजनयिक हल्कों में हड़कंप मच गया है।
शव को तुरंत पोस्टमॉर्टम के लिए चटगांव मेडिकल कॉलेज (CMC) अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया गया है। हालांकि, अभी तक मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है और शव की PM रिपोर्ट का इंतजार है।
टगांव के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर अमीनुर रशीद ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नरेंद्र धर भारतीय उच्चायोग में बतौर प्रोटोकॉल ऑफिसर काम कर रहे थे।
आज सुबह करीब 9:30 बजे जैसे ही पुलिस को उच्चायोग परिसर में अधिकारी की मौत की खबर मिली, पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।
जांच में जुटी बांग्लादेश पुलिस
स्थानीय पुलिस का कहना है कि वे मामले की हर एंगल से बारीकी से जांच कर रहे हैं। मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, यह कोई हादसा था या इसके पीछे कोई और संदिग्ध वजह है— इसका पता पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय भी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।
चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के ACP (PR) अमीनुर रशीद ने बताया कि शव इमारत की दूसरी मंजिल पर मौजूद एक डेटा एंट्री रूम के बाथरूम के दरवाजे के सामने मिला। पुलिस को शुरुआती तौर पर शक है कि धार की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई हो सकती है।
मामले की पुष्टि करते हुए CMCH के डायरेक्टर ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद तसलीम उद्दीन ने स्थानीय मीडिया से कहा कि व्यक्ति को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। शुरुआती जांच में शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान या संदिग्ध संकेत नहीं मिले हैं।