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Taliban: ‘चुप रही लड़की, तो समझो शादी के लिए हां’, तालिबान ने दी बाल विवाह की भी इजाजत!

Taliban : नए नियम के तहत यदि कोई कुंवारी लड़की निकाह के नाम पर चुप रहती है, तो उसकी खामोशी को ही उसकी 'रजामंदी' मान लिया जाएगा। यह फैसला एक नए फैमिली लॉ रेगुलेशन के तहत ये फैसला लिया गया है।यह रेगुलेशन नाबालिगों की शादियों के लिए नियम तय करता है और ‘कुंवारी लड़कियों’ के लिए खास गाइडलाइन तय करता है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड May 17, 2026 पर 5:44 PM
Taliban: ‘चुप रही लड़की, तो समझो शादी के लिए हां’, तालिबान ने दी बाल विवाह की भी इजाजत!
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बाल विवाह को औपचारिक रूप से मान्यता दे दी है।

Anti-Women Laws: अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने बाल विवाह को औपचारिक रूप से मान्यता दे दी है। तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने अफगानिस्तान में एक क्रूर फैमिली कानून को मंजूरी दी है। इसके तहत यदि कोई कुंवारी लड़की निकाह के नाम पर चुप रहती है, तो उसकी खामोशी को ही उसकी 'रजामंदी' मान लिया जाएगा। यह फैसला एक नए फैमिली लॉ रेगुलेशन के तहत ये फैसला लिया गया है।यह रेगुलेशन नाबालिगों की शादियों के लिए नियम तय करता है और ‘कुंवारी लड़कियों’ के लिए खास गाइडलाइन तय करता है।

इस नियम पर मचा बवाल

तालिबान द्वारा बनाए गए नए नियमों को लेकर काफी आलोचना हो रही है। सबसे ज्यादा विवाद उस नियम को लेकर हो रहा है, जिसमें कहा गया है कि यदि कोई “कुंवारी लड़की” युवावस्था में पहुंचने के बाद चुप रहती है, तो उसकी चुप्पी को शादी के लिए सहमति माना जा सकता है। वहीं किसी लड़के या पहले से शादीशुदा महिला की चुप्पी को सहमति नहीं माना जाएगा। इन नियमों में “खियार अल-बुलुग” का भी जिक्र किया गया है। यह इस्लामी कानून का एक सिद्धांत है, जिसके अनुसार बचपन में शादी करने वाला व्यक्ति बड़ा होने पर उस शादी को खत्म करने की मांग कर सकता है।

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