अमेरिका में मृत्युदंड देने के तरीकों में 3 नई चीजों की एंट्री! मौत की सजा पाए अपराधी को ऐसे मारा जाएगा

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह सबसे गंभीर संघीय अपराधों के दोषियों को मृत्युदंड देने के लिए फायरिंग स्क्वॉड, इलेक्ट्रोक्यूशन और गैस एस्फिक्सिएशन को वैकल्पिक तरीकों के रूप में शामिल करने की योजना बना रहा है।

अपडेटेड Apr 25, 2026 पर 12:19 PM
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अमेरिका में मृत्युदंड देने के तरीकों में 3 नई चीजों की एंट्री!

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह सबसे गंभीर संघीय अपराधों के दोषियों को मृत्युदंड देने के लिए फायरिंग स्क्वॉड, इलेक्ट्रोक्यूशन और गैस एस्फिक्सिएशन को वैकल्पिक तरीकों के रूप में शामिल करने की योजना बना रहा है। अमेरिका के न्याय विभाग (Justice Department) की एक रिपोर्ट में यह सिफारिश की गई है। आपको बता दें कि अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने संघीय स्तर पर मृत्युदंड को फिर से शुरू करने का वादा किया था। यह फैसला इसी क्रम में लिया जा रहा है।

क्यों पड़ी नए तरीकों की जरूरत?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इन वैकल्पिक तरीकों को जोड़ने का मुख्य कारण मृत्युदंड के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं (Lethal Injections) के मिलने में आ रही कठिनाई है। कई दवा कंपनियां जेल प्रणालियों को अपनी दवाएं बेचने से इनकार करती हैं, जिसके कारण राज्यों और संघीय सरकार को दवाओं की कमी का सामना करना पड़ता है। नए प्रोटोकॉल से दवा उपलब्ध न होने की स्थिति में भी मौत की सजा की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।


इन 3 तरीकों की हुई एंट्री:

  • फायरिंग स्क्वॉड (Firing Squad): इसमें फायरिंग दस्ते द्वारा अपराधी को गोली मारी जाती है। अमेरिका के पांच राज्यों में पहले से ही यह व्यवस्था है।
  • इलेक्ट्रोक्यूशन (Electrocution): बिजली के तेज झटके देकर मृत्युदंड देना। यह एक पुराना तरीका है जिसे फिर से इस्तेमाल में लाया जा रहा है।
  • गैस एस्फिक्सिएशन (Gas Asphyxiation): यह एक नया तरीका है, जिसे 2024 में अलबामा राज्य ने शुरू किया था। इसमें नाइट्रोजन गैस के जरिए दम घोंटकर मौत दी जाती है। अब अरकंसास, लुइसियाना, मिसिसिपी और ओक्लाहोमा ने भी इसे अपना लिया है।

मृत्युदंड को लेकर ट्रंप बनाम बाइडन की नीतियों में टकराव

पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने संघीय मृत्युदंड पर रोक लगा दी थी और मृत्युदंड की प्रतीक्षा कर रहे 40 में से 37 दोषियों की सजा को बदल दिया था। हालांकि, ट्रंप ने सत्ता में लौटते ही इस रोक को हटा दिया। वर्तमान में संघीय 'डेथ रो' पर केवल तीन दोषी बचे हैं-

  • जोखर त्सारनाएव: 2015 के बोस्टन मैराथन बमबारी का दोषी।
  • डिलन रूफ: 2017 में दक्षिण कैरोलिना चर्च में 9 लोगों की हत्या का दोषी।
  • रॉबर्ट बोवर्स: 2023 में पिट्सबर्ग के साइनागॉग (उपासना स्थल) में 11 लोगों की हत्या का दोषी।

कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने 52 पन्नों की रिपोर्ट में लिखा कि बाइडन प्रशासन की रोक ने संघीय मृत्युदंड को कमजोर किया और पीड़ितों व उनके परिवारों को परिणाम भुगतने के लिए छोड़ दिया।

आपको बता दें कि मौत की सजा के इन तरीकों को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। आलोचकों का कहना है कि ये तरीके क्रूर और असामान्य सजा के खिलाफ अमेरिकी संविधान के निषेध का उल्लंघन करते हैं। अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) ने इसकी निंदा करते हुए कहा कि न्याय विभाग उन तरीकों को अपना रहा है जिन्हें उनकी क्रूरता और अत्यधिक दर्द के लिए व्यापक रूप से नकारा गया है। सीनेटर डिक डर्बिन ने मृत्युदंड को बर्बर बताते हुए कहा कि राज्य द्वारा प्रायोजित हत्या न्याय नहीं है और इन कार्यों को देश के इतिहास पर एक धब्बे के रूप में याद किया जाएगा।

मृत्युदंड के समर्थकों की संख्या हो रही कम

गैलप सर्वेक्षणों के अनुसार, अमेरिका में मृत्युदंड के लिए सार्वजनिक समर्थन धीरे-धीरे कम हुआ है। पिछले अक्टूबर में केवल 52 प्रतिशत अमेरिकियों ने हत्या के लिए मृत्युदंड का समर्थन किया। यह 50 से अधिक वर्षों में सबसे कम है, जबकि 44 प्रतिशत ने इसका विरोध किया।

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