Trump Iran Conflict: ईरान जंग पर 1 घंटे में ट्रंप के 2 बड़े यू-टर्न! पहले ‘नो सीजफायर’, फिर बोले- युद्ध खत्म करें

Trump Iran Conflict: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई कम कर सकता है, क्योंकि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल करने के करीब पहुंच चुका है। ट्रम्प ने कहा, होर्मुज स्ट्रेट की जिम्मेदारी उन देशों को सौंपी जानी चाहिए जो इस पर निर्भर हैं।

अपडेटेड Mar 21, 2026 पर 11:06 AM
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ईरान जंग पर 1 घंटे में ट्रंप के 2 बड़े यू-टर्न! पहले ‘नो सीजफायर’, फिर बोले- युद्ध खत्म करें

Trump Iran Conflict: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को संकेत दिया कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई कम कर सकता है, क्योंकि अमेरिका अपने लक्ष्य हासिल करने के करीब पहुंच चुका है। वहीं, उन्होंनें एक घंटे पहले मीडिया से कहा था की ‘हम बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मैं संघर्ष-विराम नहीं करना चाहता। जब आप सचमुच दूसरी तरफ को पूरी तरह से तबाह कर रहे हों, तब आप संघर्ष-विराम नहीं करते। ट्रंप का एक घंटे में 2 बार यू-टर्न लेना यह दिखाता है कि अमेरिका, ईरान के खिलाफ युद्ध में बीच मझधार में फंसा है।

ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में, ट्रम्प ने सुझाव दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा की जिम्मेदारी संयुक्त राज्य अमेरिका के बजाय उन देशों को सौंपी जानी चाहिए जो उर्जा आपूर्ति के लिए इस पर निर्भर हैं।


उन्होंने लिखा, “हम अपने लक्ष्यों को हासिल करने के बहुत करीब पहुंच गए हैं और ईरान के खिलाफ मिडिल ईस्ट में चल रहे अपने बड़े सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार कर रहे हैं।”

होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए बहुत अहम समुद्री रास्ता है, हाल के हफ्तों में बड़ा तनाव का केंद्र बन गया है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण यहां हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं।

ट्रम्प ने दोहराया कि अमेरिका अन्य देशों की तरह होर्मुज जलमार्ग पर निर्भर नहीं है, और कहा कि इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने में उन देशों को ही पहल करनी चाहिए, जो इसका इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और निगरानी, ​​आवश्यकतानुसार, इसका उपयोग करने वाले अन्य देशों को करनी होगी, अमेरिका को नहीं!”

उन्होंने आगे कहा कि अनुरोध किए जाने पर वाशिंगटन सहायता प्रदान करेगा, लेकिन संकेत दिया कि स्थिति सामान्य होने पर ऐसी सहायता की जरूरत नहीं होगी।

ट्रम्प ने कहा, “अगर हमसे अनुरोध किया जाए, तो हम इन देशों को होर्मुज जलडमरूमध्य संबंधी प्रयासों में सहायता करेंगे, लेकिन ईरान का खतरा समाप्त होने के बाद इसकी जरूरत नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने इस काम को क्षेत्रीय हितधारकों के लिए प्रबंधनीय बताया।

ये बयान ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है, जहां रास्तों में रुकावट के कारण दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। ट्रम्प के इन बयानों से से लगता है कि अमेरिका अपने रुख में बदलाव कर सकता है, हालांकि हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं।

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