President Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बड़ा बयान दिया हैं। पूर्व रूसी राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने अमेरिका को लेकर टिप्पणी की थी। उसी के जवाब में ट्रंप ने कहा हैं कि दो अमेरिकी परमाणु पनडुब्बियां अपनी जगह पर तैनात कर दी गई हैं। एक रिपोर्टर के सवाल पर कि क्या पनडुब्बियां रूस का सामना करने के लिए तैनात की गई हैं, ट्रंप ने कहा, 'वे उस क्षेत्र में हैं, जहां उन्हें होना चाहिए।' अमेरिका और रूस के बीच बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है।
मेदवेदेव की टिप्पणियां और ट्रंप का एक्शन
यह पूरा मामला तब शुरू हुआ जब शुक्रवार को मेदवेदेव ने दोनों देशों के बीच युद्ध के खतरे की बात कही थी। इसके बाद ट्रंप ने दो अमेरिकी नौसेना की परमाणु पनडुब्बियों को तैनात करने का आदेश दिया। ट्रंप ने अपनी सोशल मीडिया साइट 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा था कि मेदवेदेव के भड़काऊ बयान सिर्फ बयानबाजी से कहीं ज्यादा है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। इससे एक दिन पहले मेदवेदेव ने कहा था कि ट्रंप को याद रखना चाहिए कि मॉस्को के पास सोवियत-युग की परमाणु हमले की क्षमताएं हैं।
पनडुब्बियों की तैनाती पर पेंटागन की चुप्पी
हालांकि, ट्रंप ने पनडुब्बियों को तैनात करने का दावा किया है, लेकिन अमेरिकी नौसेना और पेंटागन ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। वैसे ऐसे बहुत कम बार ही होता है कि अमेरिकी सेना अपनी पनडुब्बियों की तैनाती के बारे में जानकारी देती है, क्योंकि यह एक बहुत ही संवेदनशील मामला होता है। अमेरिका के पास 14 ओहियो क्लास परमाणु पनडुब्बियां है। इनमें से हर एक 24 ट्राइडेंट II D5 मिसाइलें ले जा सकती है, जो 4,600 मील तक जा सकती है और कई परमाणु हथियार गिरा सकती है। आमतौर पर इनमें से 8 से 10 पनडुब्बियां हमेशा तैनात रहती हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध विराम को लेकर जारी है कूटनीतिक प्रयास
ट्रंप का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और मॉस्को के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है, और ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने में सफल नहीं हो पाए हैं। इस बीच, ट्रंप ने यह भी पुष्टि की है कि उनके विशेष दूत स्टीव विटकॉफ जल्द ही रूस का दौरा करेंगे, जिससे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ेगी।