Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश सैनिकों पर दिए अपने विवादित बयान के बाद मचे भारी हंगामे को शांत करने के लिए एक 'इमोशनल' पोस्ट शेयर की है। ट्रंप ने अब ब्रिटिश सेना की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें 'दुनिया के महानतम योद्धाओं में से एक' बताया है। यह बदलाव तब आया जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और प्रिंस हैरी सहित पूरे यूरोप ने ट्रंप के पुराने बयान को 'अपमानजनक' करार दिया था।
कुछ दिन पहले दावोस में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने दावा किया था कि अफगानिस्तान युद्ध में अमेरिका के अलावा NATO के अन्य देशों के सैनिक 'मोर्चे से थोड़ा पीछे' रहे थे। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि अमेरिका को नाटो की कभी जरूरत ही नहीं पड़ी। बता दें कि, अफगानिस्तान में साल 2001-2021 तक चले संघर्ष में करीब 3,500 सैनिकों की मौत हुई, जिसमें 2,461 अमेरिकी और 457 ब्रिटिश शामिल थे।
ट्रंप के इस बयान ने ब्रिटेन में गुस्से की लहर दौड़ पड़ी। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इसे 'भयानक और अपमानजनक' बताया। उन्होंने याद दिलाया कि अफगानिस्तान में 457 ब्रिटिश सैनिकों ने जान गंवाई है। स्टार्मर ने यहां तक कह दिया कि अगर वह ट्रंप की जगह होते, तो माफी मांग चुके होते। दो बार अफगानिस्तान में तैनात रह चुके प्रिंस हैरी ने ट्रंप पर कटाछ करते हुए कहा कि सैनिकों के बलिदान के बारे में 'सच्चाई और सम्मान' के साथ बात की जानी चाहिए। वहीं विपक्षी नेता केमी बैडेनोच ने ट्रंप के दावों को 'पूरी तरह बकवास' बताया।
चारों तरफ से घिरने के बाद ट्रंप ने लिखा 'Love You All'
पीएम स्टार्मर से फोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर अपना रुख बदलते हुए लिखा, 'यूनाइटेड किंगडम के महान और बहादुर सैनिक हमेशा अमेरिका के साथ रहेंगे! अफगानिस्तान में 457 शहीद हुए, कई घायल हुए, वे महानतम योद्धाओं में से थे।' उन्होंने ब्रिटिश सेना को अमेरिका के बाद 'नंबर वन' बताया और कहा, 'हम आप सभी से प्यार करते हैं और हमेशा करते रहेंगे!'
भले ही ट्रंप ने ब्रिटेन के लिए नरम रुख अपनाया है, लेकिन नाटो के अन्य देशों के साथ उनके रिश्ते अब भी तनावपूर्ण हैं। ट्रंप लगातार नाटो की प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहे हैं और डेनमार्क के क्षेत्र ग्रीनलैंड को खरीदने या कब्जाने जैसी धमकियां दोहरा रहे हैं, जिसे यूरोपीय नेता 'अपमानजनक' मान रहे हैं।