Iran Crisis: ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा खुलासा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने वाशिंगटन के साथ बातचीत की इच्छा जताई है और एक बैठक की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों पर हो रहे अत्याचार के कारण अमेरिका को इस बैठक से पहले ही सैन्य कार्रवाई करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। बता दें कि ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
'रेड लाइन' पार कर रहा है ईरान: ट्रंप
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाया। ट्रंप ने कहा, 'ईरान मेरी रेड लाइन पार करने लगा है। वहां ऐसे लोगों को मारा जा रहा है जिन्हें नहीं मारा जाना चाहिए।' ट्रंप 13 जनवरी को एक हाई-लेवल ब्रीफिंग लेंगे, जिसमें ईरान के खिलाफ सैन्य, साइबर और नए प्रतिबंधों जैसे 'बहुत कड़े विकल्पों' पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। अमेरिकी सेना को पहले ही अलर्ट पर रखा गया है और 'बंकर-बस्टर' हमलों जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
ईरान में मचा हुआ है हाहाकार
ईरान के भीतर हालात गृहयुद्ध जैसे होते जा रहे है। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, 28 दिसंबर से शुरू हुए प्रदर्शनों में अब तक 538 लोग मारे गए हैं और 10,600 से अधिक गिरफ्तार किए गए हैं। इंटरनेट शटडाउन के कारण सही आंकड़े और भी अधिक हो सकते हैं। ईरानी मुद्रा 'रियाल' में भारी गिरावट आई है। 1 डॉलर की वैल्यू 1.4 मिलियन रियाल तक पहुंच गई है। 42% की महंगाई दर और अमेरिकी प्रतिबंधों ने जनता के गुस्से को राजनीतिक नेतृत्व की ओर मोड़ दिया है।
तेहरान में लगे 'अमेरिका को मौत' के नारे
इन सब के बीच ईरानी नेतृत्व झुकने के मूड में नहीं दिख रहा है। ईरानी संसद में 'अमेरिका को मौत' के नारे लगे। अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि यदि अमेरिका ने हस्तक्षेप किया, तो मध्य-पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने और इजरायल उनके वैध लक्ष्य होंगे। सर्वोच्च नेता अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को विदेशी समर्थित 'सबोटर्स' करार दिया है।