अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर चल रहे तनाव के बीच एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चाहे तो पूरे ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकता है और जरूरत पड़ी तो ऐसी कार्रवाई कभी भी की जा सकती है, यहां तक कि अगली ही रात में भी। ट्रंप के मुताबिक अभी युद्ध अमेरिका की शर्तों पर चल रहा है और अमेरिकी सेना के पास इतनी ताकत है कि वह बेहद कम समय में बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा सकती है।
ट्रंप की यह प्रतिक्रिया ईरान के उस फैसले के बाद आई है, जिसमें उसने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। साथ ही, जंग पूरी तरह रोकने के लिए 10 पॉइंट्स में अपनी शर्तें भी रखी हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन को बताया ऐतिहासिक
ट्रंप ने ईरान में फंसे अपने पायलटों को सुरक्षित निकालने वाले सैन्य ऑपरेशन की खुलकर तारीफ की। उन्होंने इस मिशन को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह अमेरिकी सेना की बड़ी कामयाबी है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद सेना को निर्देश दिए थे कि किसी भी हालत में अपने सैनिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए। ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों को बहादुर बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने जवानों को कभी पीछे नहीं छोड़ता।
155 विमानों के साथ चला बड़ा मिशन
ट्रंप के मुताबिक दूसरे रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब 155 अमेरिकी सैन्य विमानों को लगाया गया। इसमें 4 बॉम्बर्स, 64 फाइटर जेट्स, 48 ईंधन भरने वाले टैंकर विमान और 13 रेस्क्यू एयरक्राफ्ट शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े पैमाने पर चलाया गया यह ऑपरेशन पहले कभी नहीं देखा गया और यह अमेरिका की सैन्य क्षमता को साफ तौर पर दिखाता है।
13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अब तक ईरान में 13,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला कर चुका है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 37 दिनों में अमेरिकी सेना ने 10,000 से ज्यादा कॉम्बैट फ्लाइट्स भरी हैं। उनके अनुसार, यह स्तर का एयर ऑपरेशन अभूतपूर्व है और इससे अमेरिका की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट पर सख्त डेडलाइन
इससे पहले ट्रम्प ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान को दी गई डेडलाइन अंतिम है और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि ईरान को तय समय के भीतर फैसला लेना होगा, वरना उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तें मान लेता है, तो युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है।
प्रदर्शनकारियों को हथियार भेजने का दावा
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उनकी सरकार ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान लोगों की मदद के लिए हथियार भेजे थे। उनके मुताबिक इन हथियारों का मकसद लोगों को आत्मरक्षा में सक्षम बनाना था। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ये हथियार सीमित लोगों तक ही पहुंच पाए और उनका सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो सका।