Trump-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध अब टोटल वॉर के मुहाने पर पहुंच चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज अपने सोशल मीडिया पर मिडिल ईस्ट को लेकर एक ऐसा नक्शा शेयर किया है, जिसने पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस नक्शे के ऊपर अमेरिकी झंडे की एक परत है और 'लाल तीर' बने हैं, जो कई दिशाओं से सीधे ईरान की तरफ इशारा कर रहे हैं।
इस नक्शे के सामने आने के बाद रक्षा विश्लेषक मान रहे हैं कि अमेरिका और इजरायल किसी भी वक्त ईरान पर बड़ा और चौतरफा सैन्य हमला शुरू कर सकते हैं। यह पोस्ट ट्रंप की उस चेतावनी के ठीक बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के पास अब समय बहुत कम बचा है।
रविवार को ही राष्ट्रपति ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए लिखा था, 'ईरान के लिए घड़ी टिक-टिक कर रही है और बेहतर होगा कि वे जल्दी से आगे बढ़ें, वरना उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा, समय बहुत कम है।'
इस अल्टीमेटम के ठीक अगले दिन 'रेड एरो' वाले मिलिट्री मैप को शेयर करना इस बात का साफ संकेत है कि अमेरिका कूटनीतिक बातचीत खत्म कर अब हथियारों के इस्तेमाल की तैयारी में है।
ट्रंप-नेतन्याहू के बीच हुई फोन टॉक
इस नक्शे के पीछे अमेरिका और इजरायल की एक सोची-समझी सैन्य रणनीति बताई जा रही है। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के अपने अहम दौरे से लौटते ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लंबी फोन वार्ता की थी। दोनों नेताओं के बीच बातचीत का मुख्य मुद्दा ईरान के खिलाफ अगले दौर की सैन्य कार्रवाई ही था।
बता दें कि इसी साल 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के भीतर कई बड़े हवाई हमले किए थे। इसके बाद 8 अप्रैल 2026 से दोनों देशों के बीच अस्थाई युद्धविराम लागू है, जो अब अभी भी टूट सकता है।
'सिर्फ अपनी शर्तें थोप रहा है अमेरिका'
दूसरी तरफ ईरान की समाचार एजेंसी 'फार्स' ने सोमवार को दावा किया कि अमेरिका शांति वार्ता के नाम पर सिर्फ अपनी कड़े नियम थोप रहा है और कोई बड़ी रियायत देने को तैयार नहीं है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, वाशिंगटन ने तेहरान के सामने जो 5-सूत्रीय प्रस्ताव रखा है, उसमें बेहद कड़े नियम शामिल हैं।
ईरान को अपने देश में केवल एक ही परमाणु प्लांट चालू रखने की अनुमति होगी। साथ ही ईरान को अपना अब तक का सारा संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक अमेरिका के हवाले करना होगा।
ईरान ने इन शर्तों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से नागरिक और शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, इसलिए वह अमेरिका की इन एकतरफा शर्तों के आगे नहीं झुकेगा।