Tariff War: 'यूक्रेन संघर्ष मोदी का युद्ध है'; ट्रंप के सलाहकार ने रूसी जंग को भारत से जोड़ा, बताया कैसे कम होगा टैरिफ

Trump Tariff India Row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने यूक्रेन जंग को ‘मोदी वॉर’ बताया है। नवारो ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन संघर्ष 'मोदी का युद्ध' है। उन्होंने कहा कि शांति का मार्ग आंशिक रूप से नई दिल्ली से होकर गुजरता है

अपडेटेड Aug 28, 2025 पर 2:33 PM
Story continues below Advertisement
Trump Tariff India Row: भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए 55% टैरिफ को अनुचित और विवेकहीन बताया है

Trump Tariff India Row: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 फीसदी के भारी टैरिफ के लागू होने के कुछ ही घंटों बाद व्हाइट हाउस के ट्रेड सलाहकार पीटर नवारो ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन संघर्ष 'मोदी का युद्ध' है। उन्होंने कहा कि शांति का मार्ग आंशिक रूप से नई दिल्ली से होकर गुजरता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेडिंग और मैन्युफैक्चरिंग मामलों के वरिष्ठ सलाहकार नवारो ने 'ब्लूमबर्ग' को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि भारत, रूसी युद्ध मशीन को मदद पहुंचा रहा है।

पीटीआई के मुताबिक नवारो ने कहा, "भारत जो कर रहा है, उसका खमियाजा अमेरिका में हर कोई उठा रहा है। उपभोक्ता, व्यवसाय और हर चीज को नुकसान हो रहा है। मजदूर भी नुकसान उठा रहे हैं क्योंकि भारत के ऊंचे टैरिफ की वजह से हमारी नौकरियां, कारखाने, आय और ऊंचे वेतन वाली मजदूरी छिन रही है। फिर करदाताओं का भी नुकसान हो रहा है, क्योंकि हमें मोदी के युद्ध का फंडिंग करना है।"

जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका मतलब 'पुतिन का युद्ध' है, तो नवारो ने दोहराया कि यह 'मोदी का युद्ध' है। उन्होंने कहा, "मेरा मतलब मोदी का युद्ध है, क्योंकि शांति का रास्ता आंशिक रूप से नयी दिल्ली से होकर जाता है।" ट्रंप ने रूसी तेल की खरीद के लिए भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, जो बुधवार से प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है।

कैसे कम होगा टैरिफ?

नवारो ने दावा किया कि भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ को हटाना 'बहुत आसान' है। इसके लिए नई दिल्ली को रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा। उन्होंने कहा, "अगर भारत रूसी तेल खरीदना और उनकी युद्ध मशीनरी की मदद करना बंद कर दे, तो उसे कल ही 25 प्रतिशत की छूट मिल सकती है।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक महान नेता बताते हुए नवारो ने कहा कि वह इस बात से हैरान हैं कि "यह (भारत) एक परिपक्व लोकतंत्र है, जिसे बुद्धिमान लोग चला रहे हैं। वे टैरिफ के मामले में हमारी आंखों में आंखें डालकर कहते हैं कि हमारे यहां दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ नहीं हैं। जबकि वास्तव में उनके टैरिफ बहुत ज्यादा हैं।"


नवारो ने कहा, "इसमें कोई विवाद नहीं है। अगर आप आंकड़ों पर गौर करें और फिर वे कहते हैं... हम रूसी तेल खरीदना बंद नहीं करेंगे। अब, इसका क्या मतलब है?" ट्रेड सलाहकार ने आरोप लगाया कि भारत रूसी तेल को किफायती दरों पर खरीदता है। फिर भारतीय रिफाइनरियां, रूसी रिफाइनरियों के साथ साझेदारी कर इसे बाकी दुनिया को प्रीमियम दरों पर बेचती हैं।

उन्होंने कहा, "रूस इस पैसे का इस्तेमाल अपनी युद्ध मशीनरी को चलाने तथा और अधिक यूक्रेनियों को मारने में करता है। और फिर अगली बात जो होती है, वह यह कि यूक्रेन, अमेरिका और यूरोप के पास आता है और कहता है, हमें और पैसे दो।"

चीन पर क्यों नरम है अमेरिका?

नवारो ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसे एक लोकतंत्र की तरह काम करना चाहिए। सत्तावादियों का पक्ष नहीं लेना चाहिए। चीन पर एक सवाल पर उन्होंने कहा कि वे इन राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीतियों से बहुत ऊब चुके हैं।

उन्होंने कहा, "हकीकत यह है कि आपको भारत और चीन को रूसी तेल खरीदने से रोकना होगा। आप कल ऐसा कर दें, और युद्ध खत्म हो जाएगा।" नवारो ने कहा कि यदि यूरोप सहित सभी लोग रूसी तेल खरीदना बंद कर दें, तो कुछ ही वक्त में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास उस युद्ध के लिए धन नहीं होगा।

भारत का पलटवार

भारत ने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ को अनुचित और विवेकहीन बताया है। नई दिल्ली ने कहा है कि किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की तरह, वह अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय करेगा।

इस बीच, अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि चीन या अन्य देशों द्वारा रूसी तेल की बड़ी मात्रा में खरीद को लेकर प्रतिबंध लगाने के बजाय, 'ट्रंप भारत पर टैरिफ लगाकर उसे निशाना बना रहे हैं, जिससे अमेरिकियों को नुकसान पहुंच रहा है। इस प्रक्रिया में अमेरिका-भारत संबंध खराब हो रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे यह यूक्रेन का मामला ही नहीं है'

ये भी पढ़ें- PM Modi: SCO शिखर सम्मेलन में होगी पीएम मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक, 7 साल बाद चीन जाएंगे PM मोदी

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।