President Trump: 'ग्रीनलैंड पर कब्जे में जो नहीं देगा साथ, उस पर लगाएंगे भारी-भरकम टैरिफ', ट्रंप की नई धमकी

Trump On Greenland: ट्रंप की इस धमकी ने नाटो सहयोगियों के बीच भारी तनाव पैदा कर दिया है। फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और नॉर्वे जैसे देशों ने डेनमार्क के समर्थन में ग्रीनलैंड में अपने सैनिक भेजने शुरू कर दिए हैं ताकि किसी भी संभावित अमेरिकी 'हस्तछेप' को रोका जा सके

अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 7:47 AM
Story continues below Advertisement
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अगर कूटनीतिक रास्तों से बात नहीं बनी, तो वे सैन्य शक्ति का उपयोग करने से भी पीछे नहीं हटेंगे

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड को हथियाने की अपनी योजना को लेकर वैश्विक स्तर दबाव बढ़ा दिया है। शुक्रवार, 16 जनवरी को व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने उन देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाने की धमकी दी, जो ग्रीनलैंड के अधिग्रहण में अमेरिका का समर्थन नहीं करेंगे। ट्रंप का तर्क है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड का नियंत्रण अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर कूटनीतिक रास्तों से बात नहीं बनी, तो वे सैन्य शक्ति का उपयोग करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

ग्रीनलैंड के बिना 'गोल्डन डोम' असफल: ट्रंप

ट्रंप ने ग्रीनलैंड को केवल एक द्वीप नहीं, बल्कि अमेरिका की रक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। ट्रंप ने अपनी प्रस्तावित मिसाइल डिफेंस प्रणाली 'गोल्डन डोम' का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड के बिना इस सुरक्षा कवच में एक बड़ा छेद रह जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि डेनमार्क इस द्वीप की सुरक्षा करने में अक्षम है और अगर अमेरिका ने इसे नहीं लिया, तो रूस या चीन इस पर कब्जा कर सकते है।बता दें कि ग्रीनलैंड में मौजूद दुर्लभ खनिजों के विशाल भंडार पर भी अमेरिका की नजर है, जो भविष्य की तकनीक और ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण है।


यूरोप और नाटो की क्या है प्रतिक्रिया?

ट्रंप की इस धमकी ने नाटो सहयोगियों के बीच भारी तनाव पैदा कर दिया है। फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन और नॉर्वे जैसे देशों ने डेनमार्क के समर्थन में ग्रीनलैंड में अपने सैनिक भेजने शुरू कर दिए हैं ताकि किसी भी संभावित अमेरिकी 'हस्तछेप' को रोका जा सके। इसके साथ ही यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका अपने ही सहयोगी डेनमार्क पर हमला करता है या जबरन कब्जा करता है, तो यह नाटो गठबंधन का अंत होगा।

डेनमार्क और ग्रीनलैंड के विदेश मंत्रियों ने ट्रंप से मुलाकात के बाद स्पष्ट किया कि वे 'मौलिक असहमति' पर कायम हैं। उन्होंने साफ कहा, 'ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है।'

ट्रंप ने 'टैरिफ' को लेकर दी धमकी

ट्रंप ने ग्रीनलैंड के लिए टैरिफ की तुलना उन धमकियों से की जो उन्होंने दवाओं की कीमतों को लेकर फ्रांस और जर्मनी को दी थीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप उन यूरोपीय देशों को निशाना बना सकते है जो डेनमार्क का साथ दे रहे है। वैसे अमेरिका के भीतर भी ट्रंप के इस फैसले का विरोध हो रहा है। कांग्रेस का एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कोपेनहेगन पहुंचा ताकि डेनमार्क को भरोसा दिलाया जा सके कि पूरा अमेरिका ट्रंप के इस विचार से सहमत नहीं है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।