Strait of Hormuz: स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया के कई देशों में गैस और तेल का सप्लाई किया जाता है, लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप अब अमेरिका की मदद के लिए नाटो सहयोगियों के पास जाकर होर्मुज को फिर से खोलने अपील कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ भारत बिना नाटो के सहयोग से और बिना किसी मशक्कत के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से LPG के टैंकर ला रहा है।
बता दें कि भारत के साथ ईरान के संबंध अच्छे रहे हैं, और यही वजह है कि दूसरे देशों के लिए होर्मुज स्ट्रेट बंद करने के बावजूद ईरान ने भारत के लिए रास्ता खोल दिया है। 15 मार्च को भारतीय झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर 'जग लाड़की' यहां से सुरक्षित बाहर निकल आया था। अब आज और मंगलवार को भी यहां से एक-एक टैंकर भारत आने वाला है।
हमले के बीच 'जग लाड़की' सुरक्षित निकला
भारत सरकार के मुताबिक, 14 मार्च 2026 को फुजैराह में जब भारतीय जहाज 'जग लाड़की' कच्चा तेल लोड कर रहा था, उसी समय तेल टर्मिनल पर हमला हुआ। इस खतरे के बावजूद, जहाज रविवार सुबह 10:30 बजे (IST) लगभग 80,800 टन मुरबन कच्चे तेल के साथ सुरक्षित निकल गया।
गौरतलब है कि शनिवार को भी भारतीय झंडे वाले दो LPG टैंकर, जिनका नाम ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ है, हॉर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकले हैं। ये दोनों जहाज लगभग 92,712 टन LPG लेकर भारत आ रहे हैं। विशेष रूप से, 'शिवालिक' के 16 मार्च को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचने की उम्मीद है।
इसके अलावा, नंदा देवी 17 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंच सकता है। ये दोनों जहाज उन 24 भारतीय पोतों में शामिल हैं, जो युद्ध के बाद से स्ट्रेट के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए थे।
जानकारी के लिए बता दें कि भारत कच्चे तेल का लगभग 88%, नेचुरल गैल का 50% और LPG का 60% हिस्सा आयात करता है। अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों से पहले, भारत का कुल तेल आयात का आधा और LPG आयात का 85-90% हिस्सा सऊदी अरब और UAE जैसे देशों से होता था।