यूक्रेन ने बिना किसी सैनिक सिर्फ रोबोट और ड्रोन से रूसी मोर्चे पर किया कब्जा! युद्ध के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति ने देश के डिफेंस सेक्टर की तारीफ करते हुए बताया कि यूक्रेन ने युद्ध में नई तकनीक के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के ड्रोन ने अब तक 1,750 किलोमीटर तक मार करने का रिकॉर्ड बनाया है। यानी ये ड्रोन इतनी लंबी दूरी तय करके दुश्मन तक पहुंच सकते हैं
Russia Ukraine War: यूक्रेन ने बिना किसी सैनिक सिर्फ रोबोट और ड्रोन से रूसी मोर्चे पर किया कब्जा! युद्ध के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा
यूक्रेन और रूस के बीच चल रही जंग में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूक्रेनी सेना ने पहली बार सिर्फ ड्रोन और बिना इंसान वाले ग्राउंड रोबोट (UGVs) की मदद से रूस की एक पोस्ट पर कब्जा कर लिया। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के मुताबिक, इस ऑपरेशन में यूक्रेन के सैनिक सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। हैरानी की बात यह रही कि रूसी सैनिकों ने बिना आमने-सामने की लड़ाई के ही सरेंडर कर दिया।
पिछले तीन महीनों में यूक्रेन के इन ग्राउंड रोबोट सिस्टम्स ने 22,000 से ज्यादा मिशन पूरे किए हैं। इनमें “Ratel”, “Termit”, “Ardal”, “Rys”, “Zmii”, “Protector” और “Volya” जैसे रोबोट शामिल हैं।
Zelensky presents Ukraine’s robot soldiers to the world:
“For the first time in the war, an enemy position was captured entirely by ground robotic systems and drones. No infantry. A robot entered the most dangerous area instead of a soldier & captured it” pic.twitter.com/Z1cxMwryxN — Visegrád 24 (@visegrad24) April 14, 2026
1750 Km तक मारने का रिकॉर्ड!
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने देश के डिफेंस सेक्टर की तारीफ करते हुए बताया कि यूक्रेन ने युद्ध में नई तकनीक के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के ड्रोन ने अब तक 1,750 किलोमीटर तक मार करने का रिकॉर्ड बनाया है। यानी ये ड्रोन इतनी लंबी दूरी तय करके दुश्मन तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि आगे इससे भी ज्यादा दूरी तक पहुंचने की क्षमता विकसित की जा रही है।
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जो वर्कशॉप, डिजाइन, लैब, टेस्टिंग और प्रोडक्शन में काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, यूक्रेन अपनी तकनीक, अनुभव और विशेषज्ञता की वजह से दुनिया में एक खास जगह बना चुका है।
अपने वीडियो मैसेज में उन्होंने “Flamingo” जैसे ड्रोन और मिसाइल सिस्टम भी दिखाए। साथ ही “Sichen”, “Liutyi”, “Morok”, “Bars”, “Obriy” और FP जैसे आधुनिक हथियारों का जिक्र किया।
जेलेंस्की ने कहा कि यह सिर्फ रिकॉर्ड बनाने की बात नहीं है, बल्कि मकसद यह है कि दुश्मन कहीं भी हो, उसे जवाब दिया जा सके।
रोबोटिक वैनगार्ड: यूक्रेन अपना रहा नई रणनीति
दरअसल यूक्रेन अब जंग में एक नई रणनीति अपना रहा है, जिसे “रोबोटिक वैनगार्ड” (Robotic Vanguard) कहा जा रहा है। इसमें इंसानी सैनिकों को सीधे खतरे में डालने के बजाय ड्रोन और रोबोट पहले हमला करते हैं।
फेज 1: आसमान से निगरानी और हमला
सबसे पहले FPV (कैमरा वाले) ड्रोन और थर्मल कैमरा वाले ड्रोन दुश्मन की पोजिशन ढूंढते हैं। ये ड्रोन पता लगाते हैं कि रूसी सैनिक कहां छिपे हैं, जैसे मशीन गन पोस्ट या कम्युनिकेशन सेंटर।
फेज 2: जमीन पर रोबोट हमला
इसके बाद यूक्रेन जमीन पर चलने वाले रोबोट भेजता है, जैसे "Ratel” या “Termit"। ये रोबोट रिमोट से कंट्रोल होते हैं और इनमें मशीन गन या माइंस लगी होती हैं। ये सीधे दुश्मन की पोस्ट में घुसते हैं, गोलीबारी झेलते हैं और दुश्मन को खदड़ने का काम करते हैं।
फेज 3: ऊपर से बमबारी
जब रोबोट नीचे से हमला कर रहे होते हैं, उसी समय “flamingo” जैसे भारी ड्रोन ऊपर से थर्मोबारिक ग्रेनेड गिराते हैं। इससे बंकर और छिपने की जगहें साफ हो जाती हैं।
यूक्रेन अपने नेवल ड्रोन करेगा एक्सपोर्ट
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि अब उनका देश समुद्री सुरक्षा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है, खासकर ब्लैक सी रीजन में।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने यहां हवाई हमलों और समुद्र में माइंस के जरिए कई ऑपरेशन किए हैं। उनके मुताबिक, ऐसे माहौल में काम करने का यूक्रेन का अनुभव दुनिया में काफी अलग और मजबूत है। उन्होंने इसकी तुलना दुनिया के दूसरे संवेदनशील समुद्री रास्तों से की, जैसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
जेलेंस्की ने यह भी बताया कि यूक्रेन के नेवल ड्रोन- “Sea Baby”, “Magura” और “Sargan” अब काफी मशहूर हो चुके हैं और इन्हें दूसरे देशों को एक्सपोर् करने की भी योजना है।