Zelenskyy: 'हम थके हुए हैं, पर हार नहीं मानेंगे', रूस के साथ युद्ध के चौथे साल पर जेलेंस्की ने पुतिन को दिया कड़ा संदेश

Russia-Ukraine War: दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता में सबसे बड़ी बाधा 'भविष्य की सुरक्षा' को लेकर है। यूक्रेन चाहता है कि उसके सहयोगी देश स्पष्ट करें कि अगर रूस दोबारा हमला करता है, तो वे क्या करेंगे? वहीं रूस चाहता है कि यूक्रेन पूर्वी डोनेट्स्क जैसे क्षेत्रों से अपनी सेना हटा ले, लेकिन जेलेंस्की ने इसे सिरे से खारिज कर दिया

अपडेटेड Feb 24, 2026 पर 9:15 AM
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जेलेंस्की ने इस संघर्ष को एक लोकतांत्रिक देश और एक तानाशाही व्यक्ति पुतिन के बीच की लड़ाई बताया

Volodymyr Zelenskyy: रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की चौथी वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने देश की स्थिति और भविष्य को लेकर दुनिया के सामने अपना पक्ष रखा है। CNN को दिए एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि करीब चार साल से चल रहे इस विनाशकारी युद्ध ने यूक्रेनी समाज को थका दिया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आत्मसमर्पण का सवाल ही नहीं उठता। उनके अनुसार, संप्रभुता से समझौता करने का मतलब पूरे देश को खो देना होगा।

पुतिन के सामने झुकने से किया इनकार

जेलेंस्की ने इस संघर्ष को एक लोकतांत्रिक देश और एक तानाशाही व्यक्ति पुतिन के बीच की लड़ाई बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यूक्रेन रूस की शर्तें मान लेता है, तो लोग या तो मारे जाएंगे, भागने को मजबूर होंगे या फिर उन्हें 'रूसी' बनना पड़ेगा। जेलेंस्की ने कहा, 'पुतिन खुद एक युद्ध हैं। उन्हें जो चाहिए अगर हम वो सब दे देते हैं, तो हम सब कुछ खो देंगे। पूरा रूस इस समय एक जेल की तरह है।'


अमेरिका और ट्रंप से की अपील

जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही उन पर दबाव बढ़ाने की मांग भी की। जेलेंस्की ने कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में पुतिन को रोकना चाहता है, तो वह इतना शक्तिशाली है कि ऐसा कर सकता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रंप मॉस्को पर पर्याप्त दबाव बना रहे हैं, तो जेलेंस्की का जवाब था, 'नहीं'। उन्होंने जोर दिया कि यूक्रेन को अमेरिका से ठोस सुरक्षा गारंटी चाहिए, जिसे वहां की संसद की मंजूरी मिले।

शांति वार्ता पर गतिरोध बरकरार

दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता में सबसे बड़ी बाधा 'भविष्य की सुरक्षा' को लेकर है। यूक्रेन चाहता है कि उसके सहयोगी देश स्पष्ट करें कि अगर रूस दोबारा हमला करता है, तो वे क्या करेंगे? वहीं रूस चाहता है कि यूक्रेन पूर्वी डोनेट्स्क जैसे क्षेत्रों से अपनी सेना हटा ले, लेकिन जेलेंस्की ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम मूर्ख नहीं हैं कि अपना देश थाली में सजाकर उन्हें दे दें।' जेलेंस्की ने उन 2 लाख लोगों का जिक्र किया जो इन क्षेत्रों में रहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि 'क्या मैं उन लोगों से कह दूं कि 'बाय-बाय, अब से आप रूसी हैं'?'

'तीसरा विश्व युद्ध शुरू हो चुका है'

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए जेलेंस्की ने दुनिया को आगाह किया कि पुतिन ने पहले ही तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत कर दी है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन एक 'आउटपोस्ट' की तरह काम कर रहा है जो इस युद्ध को आगे बढ़ने से रोक रहा है। जेलेंस्की ने निराशा जताई कि अंतरराष्ट्रीय साझेदार यूक्रेन को उन्नत हवाई रक्षा प्रणाली जैसे- पैट्रियट मिसाइल बनाने के लाइसेंस नहीं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर आसमान सुरक्षित होगा, तभी अर्थव्यवस्था और स्कूल सामान्य रूप से चल पाएंगे।

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