US Airstrikes In Nigeria: अमेरिका ने नाइजीरिया में ISIS के ठिकानों पर की एयर स्ट्राइक, ट्रंप ने इस्लामिक स्टेट को बताया 'आतंकी कचरा'

US Airstrikes In Nigeria: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (25 दिसंबर) रात कहा कि उन्होंने नाइजीरिया में आतंकी संगठबन इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ एक शक्तिशाली और जानलेवा हमले का आदेश दिया है। उन्होंने आतंकी समूह ISIS पर पश्चिमी अफ्रीकी देश में निर्दोष ईसाइयों को निशाना बनाने और हत्या करने का आरोप लगाया है

अपडेटेड Dec 26, 2025 पर 8:46 AM
Story continues below Advertisement
US Airstrikes In Nigeria: राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने नाइजीरिया में इस्लामिक स्टेट के खिलाफ घातक हमला किया है

US Airstrikes In Nigeria: अमेरिका ने नाइजीरिया में आतंकी संगठन ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (25 दिसंबर) रात एक सोशल मीडिया पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। ट्रंप का कहा कि नाइजीरिया में ISIS ईसाइयों को निशाना बनाकर बेरहमी से हत्या कर रहा है। उन्होंने ISIS आतंकियों को 'आतंकी कचरा' करार देते हुए लिखा कि यह संगठन लंबे समय से निर्दोष ईसाइयों की हत्या कर रहा है। राष्ट्रपति के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना ने कई परफेक्ट स्ट्राइक की।

ट्रंप ने आतंकी समूह पर पश्चिमी अफ्रीकी देश में निर्दोष ईसाइयों को निशाना बनाने और हत्या करने का आरोप लगाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि अमेरिका कट्टर इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा। अपने पोस्ट के अंत में ट्रंप ने सेना को क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं। साथ ही कहा कि अगर ईसाइयों की हत्याएं जारी रहीं, तो आगे और भी आतंकी मारे जाएंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने कई सटीक हमले किए। हालांकि, उन्होंने इससे जुड़ी कोई डिटेल्स जानकारी नहीं दी।

अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किन ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले नवंबर में ट्रंप ने अमेरिकी सेना को नाइजीरिया में इस्लामी आतंकी समूहों से निपटने के लिए कार्रवाई की तैयारी करने का आदेश दिया था। गुरुवार देर रात को अपनी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि मेरे नेतृत्व में अमेरिका कट्टर इस्लामी आतंकवाद को पनपने नहीं देगा। राष्ट्रपति ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर आतंकवादी ईसाइयों को निशाना बनाते रहे तो और भी हमले होंगे।


अमेरिका ने नाइजीरिया पर क्यों किया हमला?

पिछले कई महीनों से ट्रंप नाइजीरियाई सरकार पर पश्चिमी अफ्रीकी देश में निर्दोष ईसाइयों को सताने का आरोप लगा रहे हैं। वह लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि ईसाई आबादी की रक्षा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका बंदूकें लहराते हुए नाइजीरिया में दाखिल होगा। उन्होंने पिछले महीने कहा था, "अगर नाइजीरियाई सरकार ईसाइयों की हत्या जारी रखने देती है, तो USA नाइजीरिया को दी जाने वाली सभी मदद और सहायता तुरंत बंद कर देगा। हो सकता है कि उस अब बदनाम देश में बंदूकें लेकर घुस जाए। ताकि उन इस्लामिक आतंकवादियों को पूरी तरह खत्म किया जा सके जो ये भयानक अत्याचार कर रहे हैं।"

इसी के साथ उन्होंने रक्षा विभाग को संभावित कार्रवाई के लिए तैयार रहने का आदेश दिया। हालांकि, नाइजीरिया की सरकार ने जोर देकर कहा है कि सिर्फ ईसाई ही नहीं, बल्कि कई धर्मों के लोगों पर चरमपंथी समूहों ने हमले किए हैं। इसके बावजूद, अमेरिका ने अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत नाइजीरिया को 'विशेष चिंता वाला देश' घोषित किया है। नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला टिनूबू के एक सलाहकार ने हाल ही में BBC से कहा था कि जिहादी समूहों के खिलाफ कोई भी सैन्य कार्रवाई मिलकर की जानी चाहिए।

ये भी पढे़ं- Delhi Air Quality: दिल्लीवालों को दमघोंटू हवा से मिली बड़ी राहत! AQI घटकर 234 हुआ

अमेरिकी विदेश विभाग ने घोषणा की है कि वह नाइजीरियाई लोगों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए वीजा पर प्रतिबंध लगाएगा जो वहां ईसाइयों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हत्याओं और हिंसा में शामिल हैं। नाइजीरिया लंबे समय से ISIS और बोको हराम सहित विभिन्न आतंकवादी समूहों से सुरक्षा खतरों का सामना कर रहा है। इस दौरान देश की बड़ी मुस्लिम आबादी को भी निशाना बनाया है। स्कूलों और चर्चों पर लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका का कहना है कि यह ईसाइयों और मुसलमानों दोनों को निशाना बनाती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।