US-Bangladesh: आम चुनाव से ठीक पहले अमेरिका ने बांग्लादेश को दी टैरिफ में राहत, क्या यूनुस सरकार को मिलेगा चुनावी फायदा?

US-Bangladesh Trade Deal: यह समझौता भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ठीक बाद हुआ है। जहां भारत ने 18% का टैरिफ हासिल किया है, वहीं बांग्लादेश 19% पर टिका है। हालांकि, अमेरिकी कॉटन के इस्तेमाल पर 'जीरो टैरिफ' की शर्त बांग्लादेश को वियतनाम और पाकिस्तान जैसे प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिला सकती है

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 9:33 AM
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बांग्लादेश के कुल निर्यात में करीब 80% हिस्सेदारी रखने वाले कपड़ा उद्योग के लिए यह डील किसी बड़ी राहत से कम नहीं है

US-Bangladesh Trade Deal: बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने वाले है। चुनाव से महज दो दिन पहले अमेरिका और बांग्लादेश के बीच हुए एक बड़े व्यापारिक समझौते ने ढाका के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। सोमवार को हुए इस समझौते के तहत जो ट्रंप प्रशासन ने बांग्लादेशी सामानों पर लगने वाले पारस्परिक टैरिफ को 20% से घटाकर 19% कर दिया है। हालांकि यह कटौती केवल 1% की दिखती है, लेकिन बांग्लादेश की रीढ़ माने जाने वाले टेक्सटाइल सेक्टर के लिए इसमें एक 'गेम-चेंजर' शर्त छिपी है।

इसके साथ ही अगर बांग्लादेशी गारमेंट कंपनियां अमेरिकी कॉटन का इस्तेमाल करती हैं, तो उन्हें अमेरिका में जीरो ड्यूटी की सुविधा मिलेगी। अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने इसे देश की आर्थिक स्थिरता और लाखों नौकरियों को बचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।

टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 'संजीवनी' बनेगी टैरिफ में कटौती


बांग्लादेश के कुल निर्यात में करीब 80% हिस्सेदारी रखने वाले कपड़ा उद्योग के लिए यह सौदा किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। 2024 की छात्र क्रांति और तख्तापलट के बाद लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए यूनुस सरकार पिछले 9 महीनों से वाशिंगटन के साथ सौदेबाजी कर रही थी। इस समझौते के बदले बांग्लादेश ने भी अमेरिका के लिए अपने बाजार खोल दिए हैं। ढाका अब अमेरिकी केमिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटो पार्ट्स और कृषि उत्पादों को प्राथमिकता देगा। साथ ही, बांग्लादेश ने अगले 15 वर्षों में अमेरिका से $15 अरब की ऊर्जा और $3.5 अरब के कृषि उत्पाद खरीदने का वादा किया है। विमानन क्षेत्र में भी बड़ी डील हुई है, जहां 'बिमान बांग्लादेश' अमेरिका से 14 बोइंग विमान खरीदने की योजना बना रहा है।

भारत और वियतनाम से है चुनौती, क्या होगा असर?

दिलचस्प बात यह है कि यह समझौता भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ठीक बाद आया है। जहां भारत ने 18% का टैरिफ हासिल किया है, वहीं बांग्लादेश 19% पर टिका है। हालांकि, अमेरिकी कॉटन के इस्तेमाल पर 'जीरो टैरिफ' की शर्त बांग्लादेश को वियतनाम और पाकिस्तान जैसे प्रतिस्पर्धियों पर बढ़त दिला सकती है। जानकारों का मानना है कि चुनाव से ऐन पहले इस डील का आना मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार की कूटनीतिक जीत है, जो देश में स्थिरता का संदेश देना चाहती है। हालांकि, यह देखना बाकी है कि क्या यह आर्थिक राहत वोटरों के मूड को बदल पाएगी या 12 फरवरी के चुनाव कुछ और ही कहानी बयां करेंगे।

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