US-China Tension: वैश्विक बाजारों में टैरिफ की टेंशन को कम करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। अमेरिका और चीन के शीर्ष ट्रेड नेतृत्व ने रविवार को मलेशिया में दो दिनों की बातचीत के बाद घोषणा की कि वे कई विवादास्पद बिंदुओं पर सहमत हो गए हैं, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अंतिम समझौता होने का रास्ता साफ हो गया है।
सौ फीसदी टैरिफ का खतरा टला
दोनों देशों के बीच हुई हाई लेवल की बैठक के उत्साहजनक संकेत मिले हैं। एक चीनी अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष एक्सपोर्ट कंट्रोल, फेंटेनाइल और शिपिंग लेवी जैसे प्रमुख विषयों पर शुरुआती सहमति पर पहुंचे हैं। वहीं अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि चीनी सामानों पर 100% टैरिफ लगाने की ट्रंप की धमकी 'प्रभावी रूप से टल गई है।' उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि चीन सोयाबीन की पर्याप्त खरीद करेगा और रेयर अर्थ मिनरल्स के नियंत्रण पर रोक लगाएगा।
ट्रंप-शी जिनपिंग शिखर सम्मेलन में एक व्यापक समझौते का है लक्ष्य
अब सबकी निगाहें गुरुवार को होने वाली ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात पर टिकी हैं, जिसे दोनों नेताओं के बीच सत्ता में वापसी के बाद पहली आमने-सामने की बैठक बताया जा रहा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि रेयर अर्थ मिनरल्स पर लगे प्रतिबंधों को टालना इन वार्ताओं के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है, और 'मुझे लगता है कि हम उस लक्ष्य की ओर बहुत अच्छी तरह से प्रगति कर रहे हैं।'
इस बीच ट्रंप ने कहा कि वह चीन के साथ 'एक अच्छी डील' होने की उम्मीद कर रहे हैं, और उनका मानना है कि 'हमारे पास एक बहुत व्यापक सौदा करने का वास्तव में अच्छा मौका है।' यह समझौता दोनों देशों के बीच चल रहे टैरिफ वॉर को विराम देगा। इस खबर से वैश्विक बाजार उत्साहित हैं, लेकिन वे अंतिम समझौते पर बारीकी से नजर बनाए हुए है।