US-Iran-Israel War: भारत से वापस लौट रहे ईरानी युद्धपोत पर अमेरिका का हमला! टॉरपीडो से जहाज को समुद्र में डुबोया, 87 लोगों की मौत

US-Iran-Israel War: श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि समुद्र में डूबे ईरानी युद्धपोत से 87 लोगों के शव बरामद हुए हैं। नौसेना ने बताया कि हिंद महासागर में उसके देश के समुद्र तट के पास ईरानी युद्धपोत डूब गया। अमेरिका ने टॉरपीडो से ईरान के युद्धपोत को डुबोने का दावा किया है। खबर लिखे जाने तक भारत का बयान सामने नहीं आया था

अपडेटेड Mar 04, 2026 पर 10:14 PM
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US-Iran-Israel War: श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि समुद्र में डूबे ईरानी युद्धपोत से 87 लोगों के शव बरामद हुए हैं। अभी कई लापता हैं

US-Iran-Israel War: अमेरिका ने हिंद महासागर में टॉरपीडो से ईरान के एक युद्धपोत को समुद्र के अंदर डुबोने का दावा किया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इसकी पुष्टि करते हुए बुधवार (4 फरवरी) को कहा कि एक अमेरिकन सबमरीन ने इंडियन ओशन में एक ईरानी वॉरशिप पर टॉरपीडो से हमला करके उसे डुबो दिया। उन्होंने यह भी दावा किया कि यह दूसरे विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन शिप को टॉरपीडो से डुबोने की पहली घटना है। किसी युद्धपोत को तबाह करने के लिए पनडुब्बी से टॉरपीडो को दागा जाता है।

श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि समुद्र में डूबे ईरानी युद्धपोत से 87 लोगों के शव बरामद हुए हैं। नौसेना ने बताया कि हिंद महासागर में उसके देश के समुद्र तट के पास ईरानी युद्धपोत डूब गया। बीबीसी के मुताबिक, यह जहाज भारत द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) 2026 से वापस लौट रहा था। ईरानी वॉरशिप IRIS Dena भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित मल्टीलेटरल नेवल एक्सरसाइज 'मिलन (MILAN)' में हिस्सा लेने के लिए भारत आया था। जब यह वापस लौट रहा था तब US सबमरीन ने उस पर हमला किया।

पीट हेगसेथ ने पत्रकारों से कहा, "हिंद महासागर में अमेरिका ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जिसे लगा कि वह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सुरक्षित है। उसे एक टॉरपीडो से डुबो दिया गया है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद टॉरपीडो से दुश्मन के जहाज को डुबोने का यह पहला मामला है।"


श्रीलंकाई सरकार ने संसद में रेस्क्यू मिशन की पुष्टि करते हुए कहा कि 30 घायल नाविकों को आइलैंड के साउथ में एक हॉस्पिटल ले जाया जा रहा है। कोलंबो से 115 किलोमीटर दूर गाले के मेन हॉस्पिटल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। फिलहाल, नेवी और एयर फोर्स बाकी क्रू को निकालने के लिए जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।

श्रीलंकाई नेवी के प्रवक्ता बुद्धिका संपत ने कहा कि यह ऑपरेशन देश की इंटरनेशनल जिम्मेदारियों के मुताबिक था। AFP के मुताबिक उन्होंने कहा, "हमने अपनी इंटरनेशनल जिम्मेदारियों के तहत डिस्ट्रेस कॉल पर जवाब दिया, क्योंकि यह हिंद महासागर में हमारे सर्च और रेस्क्यू एरिया में आता है।"

बीबीसी के अनुसार जहाज के दस्तावेजों में बताया गया है कि जहाज पर करीब 180 लोग सवार थे। उन्होंने यह भी बताया कि जब बचाव अभियान शुरू किया गया, तब नौसेना को जहाज दिखाई नहीं दिया। इससे पहले श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय के सचिव एयर वाइस मार्शल सम्पथ थुइयाकोंठा ने BBC को बताया था कि करीब 140 लोग लापता माने जा रहे हैं।

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अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के कुछ हवाई हमले अभी भी लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य सर्वोच्चता उसे इस्लामी गणराज्य के हवाई क्षेत्र पर तेजी से नियंत्रण करने में मदद कर रही है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब इलाके में और ड्रोन या मिसाइल हमलों से सैनिकों को नुकसान हो सकता है। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप और शीर्ष रक्षा अधिकारियों ने इस लड़ाई में और अमेरिकी लोगों के मारे जाने की आशंका जताई है क्योंकि यह संघर्ष लंबा चल सकता है।

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