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पहले दौर में परमाणु संवर्धन, होर्मुज और हिजबुल्लाह पर फंसा रहा पेंच, अमेरिका-ईरान वार्ता के 'राउंड टू' का क्या होगा एजेंडा? जानें

US-Iran Negotiations: बातचीत की सबसे बड़ी रुकावट ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम बन रहा है। वाशिंगटन चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करे और कम से कम 20 साल तक संवर्धन पर रोक लगाए। वहीं ईरान इसे अपनी संप्रभुता का हिस्सा मानता है औरअपने प्रस्ताव में केवल 5 साल की रोक की बात कही है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Apr 15, 2026 पर 7:42 AM
पहले दौर में परमाणु संवर्धन, होर्मुज और हिजबुल्लाह पर फंसा रहा पेंच, अमेरिका-ईरान वार्ता के 'राउंड टू' का क्या होगा एजेंडा? जानें
अमेरिका दबाव बना रहा है कि ईरान हिजबुल्लाह और हुती विद्रोहियों को सैन्य सहायता देना बंद करे

US-Iran Round Two Talks: अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की कूटनीतिक वार्ता जल्द ही शुरू होने वाली है। CNN News18 द्वारा एक्सेस किए गए एजेंडे से साफ है कि दोनों देशों के बीच अभी भी गहरे मतभेद बरकरार हैं। जहां अमेरिका एक 'ग्रैंड बार्गेन' चाहता है, वहीं ईरान अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय हितों से समझौता करने को तैयार नहीं है। आइए आपको बताते हैं आखिर किन मुद्दों पर फंस रहा है पेच।

परमाणु संवर्धन को लेकर 20 साल बनाम 5 साल की जंग

बातचीत की सबसे बड़ी रुकावट ईरान का यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम है। वाशिंगटन चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करे और कम से कम 20 साल तक संवर्धन पर रोक लगाए। ईरान इसे अपनी संप्रभुता का हिस्सा मानता है। तेहरान ने जवाबी प्रस्ताव में केवल 5 साल की रोक की बात कही है। अमेरिका ने प्रतिबंधों में ढील को 'वेरिएबल न्यूक्लियर स्टेप्स' से जोड़ दिया है, जबकि ईरान पहले सभी प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहा है।

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