Donald Trump Praise Pakistan: अमेरिका-ईरान बातचीत फेल, फिर ट्रंप ने क्यों की शहबाज-मुनीर की तारीफ?

Donald Trump Praise Pakistan: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके सेना प्रमुख आसिम मुनीर की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, अमेरिका-ईरान बातचीत में इन दोनों की अहम भूमिका रही।

अपडेटेड Apr 13, 2026 पर 8:52 AM
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अमेरिका-ईरान बातचीत फेल, फिर ट्रंप ने क्यों की शहबाज-मुनीर की तारीफ?

Donald Trump Praise Pakistan: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता की मेजबानी करने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनके सेना प्रमुख आसिम मुनीर की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने में इन दोनों की अहम भूमिका रही।

ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में छह हफ्ते से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच बिना किसी समझौते के समाप्त हुई यह बैठक शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर के "दयालु और सक्षम नेतृत्व" के कारण संभव हो पाई।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, "वे बहुत ही असाधारण व्यक्ति हैं, और भारत के साथ एक बड़े युद्ध को रोकने में 3 से 5 करोड़ लोगों की जान बचाने के लिए वे लगातार मुझे धन्यवाद देते हैं। मुझे यह सुनकर हमेशा खुशी होती है - जिस मानवता की बात की जा रही है, वह अकल्पनीय है।"


ट्रंप ने की खुद की तारीफ

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले साल भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोकने का श्रेय बार-बार खुद को दिया है। वहीं, भारत ने लगातार सीजफायर में किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार किया है।

ट्रम्प अक्सर पूर्व खुफिया प्रमुख मुनीर को अपना "पसंदीदा फील्ड मार्शल" बताते हैं और व्हाइट हाउस में उनसे कम से कम दो बार मुलाकात कर चुके हैं।

ट्रंप ने आगे कहा, पाकिस्तान ने ईरान और अमेरिका को बातचीत की मेज पर लाने में मदद की। जिससे हफ्तों से चल रहे युद्ध का अंत हुआ। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि आसिम मुनीर ने इसमें "अहम" भूमिका निभाई।

शनिवार को बातचीत शुरू होने से कुछ घंटे पहले टेलीविजन पर अपने संबोधन में शरीफ ने कहा, "फील्ड मार्शल मुनीर ने अथक प्रयासों से युद्ध की आग को बुझाने और दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने में एक अहम और ऐतिहासिक भूमिका निभाई।"

मुनीर ने एयरपोर्ट पर अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भी किया और उन्हें विदा भी किया।

ट्रम्प और वेंस ने बातचीत के विफल होने का कारण ईरान द्वारा अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने से इनकार करना बताया, जबकि तेहरान ने अमेरिकी मांगों को "अनुचित" करार दिया।

ट्रंप और वेंस ने बातचीत के टूटने के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ। जबकि तेहरान ने अमेरिकी मांगों को "अनुचित" करार दिया।

अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध

गौरतलब है कि मिडिल ईस्ट में युद्ध 28 फरवरी को उस समय शुरू हुआ जब अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने ईरान पर हमला किया, जिसमें उसके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और अन्य वरिष्ठ नेता मारे गए।

जवाब में, ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद इजरायल और अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे, जब तक कि डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले मंगलवार को दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा नहीं कर दी।

बता दें कि इस युद्ध में अब तक मिडिल ईस्ट में हजारों लोग मारे जा चुके हैं।

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