US-Iran Talks: दो दिन घरों में रहें पाकिस्तानी, आ रहे हैं विदेशी मेहमान! अमेरिका-ईरान बातचीत के लिए पाकिस्तान में 9-10 अप्रैल को छुट्टी का ऐलान
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात भी की। बाद में उन्होंने इस बातचीत को “गर्मजोशी भरी” बताया। उन्होंने ईरानी नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने के ऑफर को स्वीकार करके “बुद्धिमानी और समझदारी” दिखाई है
US-Iran Talks: अमेरिका-ईरान बातचीत के लिए पाकिस्तान में दो दिन छुट्टी का ऐलान
अमेरिका और ईरान के बीच 9 अप्रैल और 10 अप्रैल को शांति वार्ता होगी। ये बातचीत पाकिस्तान में होने जा रही है, जिसके लिए पड़ोसी मुल्क ने छुट्टी यानी पाब्लिक हॉलिडे तक घोषित कर दिया है। इस्लामाबाद और रावलपिंडी की जिला प्रशासन ने ट्विन सिटी में 9 अप्रैल (गुरुवार) और 10 अप्रैल (शुक्रवार) को स्थानीय छुट्टी घोषित कर दी है।
इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर इरफान नवाज मेमन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “इस्लामाबाद में 9 और 10 अप्रैल को स्थानीय छुट्टियां घोषित की गई हैं।”
ऐसा माना जा रहा है कि पाकिस्तान ने अमेरिका-ईरान की बातचीत को आसान बनाने के लिए दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी घोषित कर दी है। वहाँ भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और कुछ इलाकों में आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने इस्लामाबाद जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय का नोटिफिकेशन भी शेयर किया। साथ ही उन्होंने बताया कि जरूरी सेवाएं बंद नहीं होंगी। इन जरूरी सेवाओं में शामिल हैं:
- कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी (CDA)
- इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी एडमिनिस्ट्रेशन
- इस्लामाबाद पुलिस
- इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (IESCO)
- सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइंस लिमिटेड (SNGPL)
- और सभी अस्पताल
डिप्टी कमिश्नर ने कहा, “नागरिकों से अनुरोध है कि वे अपना कामकाज इसी के अनुसार प्लान करें। धन्यवाद।”
दूसरी ओर, रावलपिंडी के डिप्टी कमिश्नर हसन वकार ने भी अपने इलाके में 9 और 10 अप्रैल को स्थानीय छुट्टी की घोषणा की है। उन्होंने साफ कहा कि सभी इमरजेंसी विभाग, संस्थान और अथॉरिटी सामान्य रूप से काम करती रहेंगी।
छुट्टियों का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया
इन छुट्टियों की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है। लेकिन ये घोषणाएं ऐसे समय में आई हैं, जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पुष्टि की है कि तेहरान, पाकिस्तान की ओर से रखी गई शांति वार्ता में हिस्सा लेगा। ये वार्ता इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ होनी है, ताकि दोनों देशों के बीच चल रहे विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके।
अमेरिका ने भी इन वार्ताओं में शामिल होने की पुष्टि कर दी है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 10 अप्रैल (शुक्रवार) को इस्लामाबाद में ये वार्ता बुलाई है।
ये बातचीत दो हफ्ते के सीजफायर (युद्धविराम) के बाद हो रही हैं। ये युद्धविराम मंगलवार को घोषित किया गया था, जो युद्ध का 39वां दिन था। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों ने युद्ध रोकने पर सहमति जताई। ये सीजफायर ईरान के 10 सूत्री प्रस्ताव पर आधारित है, जिसे अमेरिका ने बातचीत के लिए सामान्य रूपरेखा के तौर पर स्वीकार कर लिया है।
अमेरिका की एडवांस टीम पहले ही पहुंची इस्लामाबाद!
वार्ता करने वाले प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचने वाले हैं, जबकि औपचारिक बातचीत शनिवार को होगी। सूत्रों ने बताया कि अमेरिका का 30 सदस्यीय एडवांस टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है, जो सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रही है।
पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने फेडरल कैबिनेट की बैठक में कहा कि अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद आ रहे हैं। उन्होंने पहले भी कहा था कि इस्लामाबाद की ये बैठक सभी विवादों को सुलझाने के लिए “अंतिम समझौता” करने के लिए है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बात भी की। बाद में उन्होंने इस बातचीत को “गर्मजोशी भरी” बताया। उन्होंने ईरानी नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने के ऑफर को स्वीकार करके “बुद्धिमानी और समझदारी” दिखाई है।
वहीं अमेरिका की तरफ से प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह फैसला दिखाता है कि अमेरिका इस बातचीत को बहुत गंभीरता से ले रहा है और उच्च स्तर पर राजनीतिक रुचि दिखा रहा है।
ईरानी पक्ष का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसद के स्पीकर बागेर गालिबाफ करेंगे। अमेरिकी टीम में दूसरे वरिष्ठ सदस्यों में विशेष दूत स्टीव विटकोफ और जेराड कुश्नर भी शामिल हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप डील के लिए हैं बेसब्र: जेडी वेंस
रॉयटर्स ने जेडी वेंस के हवाले से बताया कि उन्होंने कहा, “अमेरिका के राष्ट्रपति ने मुझे और पूरी नेगोशिएटिंग टीम को, विदेश मंत्री को और विशेष दूत स्टीव विटकोफ को साफ कहा है कि अच्छे विश्वास के साथ जाओ और समझौता करने की कोशिश करो।”
वेंस ने आगे कहा, “वे बेसब्र हैं। वे जल्द से जल्द प्रगति चाहते हैं। उन्होंने हमें अच्छे विश्वास के साथ बातचीत करने को कहा है। मुझे लगता है कि अगर ईरान भी अच्छे विश्वास के साथ बात करेगा, तो हम एक डील कर पाएंगे। लेकिन यह बहुत बड़ा ‘अगर’ है। आखिरकार यह ईरान पर निर्भर करता है कि वे कैसे बातचीत करते हैं। मुझे उम्मीद है कि वे सही फैसला लेंगे।”
राजधानी में एक बड़े होटल को दोनों प्रतिनिधिमंडलों के लिए रिजर्व कर लिया गया है और सभी लॉजिस्टिकल तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही हैं। शहबाज शरीफ ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे संयम बनाए रखें और शांति की ओर बढ़ते इस “बुद्धिमान कदम” पर आगे बढ़ें।