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US-Iran war: सीजफायर के बीच मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध की आहट! अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने खोली अंडरग्राउंड मिसाइल साइट्स

US-Iran war: अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने महीनों की खुदाई और मरम्मत के काम के बाद अपने अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों को दोबारा खोल लिया है। बुलडोजर-ट्रकों से 50 टनलें खोलकर सड़कें सुधार ली गई हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jun 01, 2026 पर 10:56 AM
US-Iran war: सीजफायर के बीच मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध की आहट! अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने खोली अंडरग्राउंड मिसाइल साइट्स
US-Iran war: अमेरिकी हमले रुकने के बाद ईरान ने फिर से अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल साइट्स खोल दी है

US-Iran war: ऐसा लग रहा है कि मिडिल ईस्ट में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच घातक युद्ध की शुरुआत हो सकती है। CNN की एक  रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने महीनों की खुदाई और मरम्मत के काम के बाद अपने अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों को दोबारा खोल लिया है। बुलडोजर-ट्रकों से 50 टनलें खोलकर सड़कें सुधार ली गई हैं। इससे ईरान इजरायल पर फिर भारी मिसाइल हमले कर सकता है। CNN द्वारा जारी गई सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि ईरानी सेना ने 18 अंडरग्राउंड मिसाइल ठिकानों पर अमेरिकी और इजरायली हमलों में निशाना बनाई गई 69 सुरंगों में से 50 के एंट्री गेट सफलतापूर्वक फिर से खोल दिए हैं।

इन हमलों का शुरुआती मकसद सड़कों को नष्ट करके और सुरंगों के मेन गेट  को मलबे से दबाकर तेहरान की मिसाइल भंडारों तक पहुंच को सीमित करना था। CNN के अनुसार, ईरान ने मलबे को हटाने और ठिकानों तक पहुंच बहाल करने के लिए बुलडोजर और डंप ट्रक का इस्तेमाल किया। संघर्ष के दौरान खुदाई के उपकरणों पर बार-बार हमले होने के बावजूद यह काम जारी रहा।

विशेषज्ञों ने CNN को बताया कि ये घटनाक्रम दर्शाते हैं कि ईरान की मिसाइल क्षमताएं उम्मीद से कहीं अधिक मजबूत हैं। जेम्स मार्टिन सेंटर फॉर नॉनप्रोलिफरेशन स्टडीज के रिसर्च एसोसिएट सैम लेयर ने कहा, "ईरान मिसाइलें दागना तब तक जारी रख सकता है, जब तक उसके पास लॉन्चर और उन्हें चलाने वाली टीमें मौजूद हैं, भले ही मिसाइलों का उत्पादन रुक गया हो।" उन्होंने आगे कहा, "ऐसा कुछ भी नहीं है जो लॉन्चरों को उन मिसाइलों के विशाल भंडार से लैस होने से रोक सके, जो ईरानियों के पास अभी भी मौजूद हैं।"

CNN ने रिपोर्ट दी कि हालांकि लड़ाई के दौरान ईरान की मिसाइल दागने की दर में काफी गिरावट आई थी। फिर भी तेहरान ने मुख्य ठिकानों तक पहुंच धीरे-धीरे बहाल करके पूरे संघर्ष के दौरान मिसाइलें दागना जारी रखा। सात हफ्ते से भी ज्यादा समय पहले हुए संघर्ष-विराम के बाद से खुदाई और मरम्मत का काम और भी तेज हो गया है।

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