बीते आठ दिनों से ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जंग जारी है। तीनों देशों के बीच जारी तनाव के बीच अब एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान में हवाई हमलों के साथ अमेरिका जमीन पर भी सेना उतार सकता है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर ईरान में जमीनी सैनिक भेजे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा केवल किसी “बहुत बड़े और जरूरी कारण” की वजह से ही किया जाएगा। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए जब उनसे जमीनी हमले की संभावना के बारे में पूछा गया, तो ट्रंप ने कहा कि वह इस पर ज्यादा चर्चा नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा, “मैं इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहता। मुझे नहीं लगता कि यह सही सवाल है और मैं इसका सीधा जवाब नहीं दूंगा।”
जंग को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने आगे कहा कि अगर कभी जमीनी कार्रवाई की गई, तो इसका एक मजबूत कारण होगा। उनके मुताबिक ऐसी कार्रवाई के बाद ईरानी सेना इतनी कमजोर हो जाएगी कि वह जमीन पर अमेरिकी सेना के खिलाफ प्रभावी तरीके से लड़ नहीं पाएगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत की किसी भी संभावना से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल अमेरिका समझौते के मूड में नहीं है।
पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम समझौता नहीं करना चाहते। हो सकता है कि ईरान समझौता करना चाहे, लेकिन हम ऐसा नहीं चाहते।” ट्रंप ने यह भी कहा कि इस समय ईरान में ऐसे कई नेता हैं जिनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है और उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हालात ऐसे होंगे कि कोई आकर कहे कि ‘हम सरेंडर करते हैं’, क्योंकि ईरान के नेताओं को लगातार खत्म किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ बातचीत के लिए अब “बहुत देर हो चुकी है”। उन्होंने 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका और इजरायल के हमलों को रोकने के लिए ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने की मांग भी की थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के कई बड़े नेता मारे गए हैं। इनमें ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दोलरहीम मौसवी, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर, मिलिट्री ऑफिस के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद शिराज़ी, रक्षा मंत्री अज़ीज़ नसीरज़ादेह, और ईरान की डिफेंस काउंसिल के सचिव अली शमखानी शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की भी मौत हो गई है।