समय खत्म हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपनी ताजा चेतावनी में कहा कि अगर तेहरान उनकी दी गई डेडलाइन तक होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता, तो “उन पर आग बरसाएंगे”। ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा, “याद है जब मैंने ईरान को 10 दिन का समय दिया था कि या तो डील कर लो या हॉर्मुज स्ट्रेट खोल दो। समय खत्म हो रहा है- सिर्फ 48 घंटे बाकी हैं, उसके बाद उन पर आग बरसेगी। ईश्वर की महिमा हो!”
इससे पहले ट्रंप ने हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की डेडलाइन 10 दिन बढ़ा दी थी, जिससे वो अब 6 अप्रैल तक हो गई है। उन्होंने ईरान से चल रही बातचीत को लेकर उम्मीद जताई थी।
जब 28 फरवरी को डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर “Operation Epic Fury” शुरू किया था, तब उनकी सरकार ने बड़े-बड़े लक्ष्य रखे थे- ईरान के मिसाइल सिस्टम को तोड़ना, उसकी नौसेना को कमजोर करना और परमाणु हथियार बनाने का कोई रास्ता बंद करना।
जंग के लक्ष्य बार-बार बदलते दिख रहे
युद्ध शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन ये लक्ष्य बार-बार बदलते नजर आ रहे हैं- कभी बढ़ रहे हैं, कभी छोटे हो रहे हैं और कभी एक-दूसरे से उलट भी पड़ रहे हैं।
युद्ध के सिर्फ पांचवें हफ्ते में ट्रंप ने कहा कि इस लड़ाई का तेल से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन कुछ देर बाद ही उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका को “तेल ले लेना चाहिए और अच्छा मुनाफा कमाना चाहिए”।
वे एक दिन कहते हैं कि जंग लगभग खत्म हो गई, तो दूसरे दिन चेतावनी देते हैं कि अब कई हफ्तों तक इंफ्रास्ट्रक्चर पर और तेज हमले होंगे।
हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी उनके बयान कुछ ही दिनों में बदल गए- पहले कहा कि अमेरिका हटने के बाद दूसरे देश इसे खोल सकते हैं, फिर कहा कि वाशिंगटन खुद इसे “आसानी से” संभाल सकता है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला शुरू किया था। तब से पूरा इलाका अलर्ट पर है। रिपोर्टों की मानें, तो इस हमले में अब तक 1,340 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें उस समय ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी भी शामिल थे।
ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजराइल के अलावा जॉर्डन, इराक और उन खाड़ी देशों पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही भी रोक दी है।