बीते एक हफ्ते से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच की जंग जारी है। पिछले सात दिनों में हालात इतनी तेजी से बदले हैं कि यह टकराव अब सिर्फ दो-तीन देशों तक सीमित नहीं रहा। इस जंग की आग मिडिल ईस्ट के कई देशों तक पहुंच गई है। वहीं इस जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी संभव है जब वह बिना शर्त सरेंडर करे। उन्होंने कहा कि इसके बाद ईरान में नई और बेहतर लीडरशिप चुनी जाएगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ कोई डील नहीं होगी, जब तक वह ‘अनकंडीशनल सरेंडर’ नहीं करता। उन्होंने कहा कि सरेंडर के बाद ईरान में एक बेहतरीन नेतृत्व चुना जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में नई नेतृत्व व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर ईरान मान जाता है, तो अमेरिका देश को दोबारा खड़ा करने और उसे फिर से बनाने में मदद कर सकता है।
ईरान बिना शर्त सरेंडर करे, तभी समझौता - ट्रंप
अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई के बाद पहली बार युद्ध को लेकर अपना सबसे स्पष्ट बयान दिया। इस बयान के बाद उन कूटनीतिक कोशिशों को भी झटका लगा है, जो पिछले कुछ दिनों से कई देश चुपचाप कर रहे थे। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, “ईरान के साथ बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई डील नहीं होगी।” उनके इस बयान से साफ है कि अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं है।
दरअसल, 28 फरवरी को हुए हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद से ईरान में फिलहाल कोई स्थायी सुप्रीम लीडर नहीं है। अभी देश का कामकाज एक अंतरिम नेतृत्व परिषद संभाल रही है। इसी बीच, असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स पर नए सुप्रीम लीडर को चुनने का दबाव बढ़ गया है। यह 88 सदस्यों की धार्मिक संस्था है, जिसे संविधान के अनुसार सुप्रीम लीडर चुनने की जिम्मेदारी दी गई है। एक ईरानी सांसद ने इस हफ्ते कहा है कि कुछ ही दिनों में नए सुप्रीम लीडर के नाम का ऐलान किया जा सकता है।
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अमेरिका और उसके बहादुर साथी मिलकर ईरान को फिर से खड़ा करेंगे और उसे आर्थिक रूप से पहले से ज्यादा मजबूत और बेहतर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि ईरान का भविष्य बहुत अच्छा हो सकता है और इसी के साथ उन्होंने नारा दिया – “ईरान को फिर से महान बनाओ (MIGA)”। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने पहले कहा था कि कई देशों ने इस संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की कोशिशें शुरू की हैं। लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि तेहरान इन कोशिशों में शामिल होने में ज्यादा दिलचस्पी नहीं रखता।