पश्चिम एशिया में लगभग एक महीने से जंग चल रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस दौरान ईरान में जमीनी हमला करने की धमकी दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप का असली प्लान है कि अमेरिकी सेना ईरान में घुसकर करीब 400 किग्रा एनरिच्ड यूरेनियम जब्त कर ले। वहीं अब जंग को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को बड़ी धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक “ज्यादा समझदार” सरकार के साथ बातचीत कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर बातचीत सफल नहीं होती और होर्मुज को दोबारा नहीं खोला जाता, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे, तेल के कुओं और खर्ग द्वीप को निशाना बना सकता है।
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान में अपने सैन्य अभियान को खत्म करने के लिए एक “नई और ज्यादा समझदार सरकार” के साथ गंभीर बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है और उम्मीद है कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है। लेकिन साथ ही ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि अगर किसी वजह से समझौता नहीं हो पाता और होर्मुज स्ट्रेट तुरंत व्यापार के लिए नहीं खोला जाता, तो अमेरिका कड़ा कदम उठा सकता है। ट्रंप के मुताबिक, ऐसी स्थिति में अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्र, तेल के कुएं और खर्ग द्वीप जैसे अहम ठिकानों को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक इन ठिकानों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
यूरेनियम है सबसे बड़ा मुद्दा
बता दें कि, ट्रंप ईरान से करीब 1,000 पाउंड (लगभग 450 किलो) समृद्ध यूरेनियम निकालने के लिए एक विशेष सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं। इसका मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना बताया जा रहा है। इस जंग में सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है, जिस पर 2003 से विवाद चल रहा है। ट्रंप चाहते हैं कि ईरान यूरेनियम को और समृद्ध (enrich) न करे, लेकिन जो पहले से बना हुआ है, उसे लेकर भी बात करना चाहते हैं। ईरान ने पहले यह भी ऑफर दिया था कि वो अपने यूरेनियम का स्तर कम कर देगा और अंतरराष्ट्रीय एजेंसी के निरीक्षकों को वापस आने देगा। लेकिन अब, दो बार हमले झेलने के बाद, ईरान कुछ शर्तें रख सकता है- जैसे आगे हमला न करने की गारंटी, नुकसान का मुआवजा और उस पर लगे प्रतिबंध हटाना। क्योंकि ईरान के पास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पकड़ है, जो दुनिया के तेल-गैस सप्लाई का बड़ा रास्ता है। इस वजह से उसकी बातचीत में ताकत बढ़ गई है।