Israel-US Iran War: 'हमारे पास अनलिमिटेड हथियार है'; ईरान के साथ बड़े युद्ध की तैयारी में अमेरिका? दूतावास पर हमले के बाद ट्रंप ने तेहरान को दी चेतावनी

Israel-US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (3 फरवरी) को कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए 'बूट्स ऑन ग्राउंड' की शायद जरूरत नहीं है। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास पर उसके ड्रोन हमले के बाद वॉशिंगटन उसे कड़ी प्रतिक्रिया देगा

अपडेटेड Mar 03, 2026 पर 12:07 PM
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Israel-US Iran War: ईरान के खिलाफ अमेरिका बड़े लेवल पर युद्ध लड़ने की तैयारी कर रहा है

Israel-US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इजरायल-ईरान संघर्ष के बीच अमेरिका लंबे युद्ध के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास लगभग असीमित हथियार का भंडार है। उन्होंने कहा कि युद्ध हमेशा के लिए लड़ा जा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (3 मार्च) को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका के मीडियम और अपर-मीडियम ग्रेड के हथियारों का स्टॉक अपने सबसे ऊंचे लेवल पर है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास इन हथियारों की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है।

उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "जैसा कि आज मुझे बताया गया हमारे पास इन हथियारों की लगभग अनलिमिटेड सप्लाई है। सिर्फ इन सप्लाई (जो दूसरे देशों के सबसे अच्छे हथियारों से बेहतर हैं) का इस्तेमाल करके हमेशा के लिए और बहुत कामयाबी से (युद्ध) लड़ा जा सकता है। सबसे ऊंचे लेवल पर हमारे पास अच्छी सप्लाई है। लेकिन हम वहां नहीं हैं जहां हम होना चाहते हैं। हमारे लिए बहुत सारे हाई ग्रेड हथियार बाहरी देशों में स्टोर किए गए हैं।"

इससे ट्रंप ने सोमवार को ईरान को हमले तेज करने की चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो तेहरान में थल सेना भी भेजेंगे। हालांकि, एक दिन बाद मंगलवार को ट्रंप ने 'बूट्स ऑन ग्राउंड' वाले बयान पर यू-टर्न लेते हुए सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।


ट्रंप ने कहा कि आपको जल्द ही पता चल जाएगा कि रियाद में US एम्बेसी पर हुए हमले और मारे गए अमेरिकी जवानों के लिए क्या बदला लिया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि जमीन पर बूट्स की जरूरत होगी। ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए 'बूट्स ऑन ग्राउंड' की शायद जरूरत नहीं है।

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक समारोह में ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को लेकर अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को नष्ट करने के लिए यह अब तक का सबसे अच्छा और निर्णायक अवसर है। ट्रंप ने कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खाड़ी में थल सेना भी भेजेंगे।

6  अमेरिकी सैनिकों की मौत

ईरान में अमेरिकी-इजरायली हमलों के लंबे क्षेत्रीय संघर्ष में बदलने की बढ़ती चिंताओं पर अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि यह इराक जैसा नहीं है। यह अंतहीन नहीं है। इस संघर्ष में अब तक अमेरिका के छह सैनिक मारे जा चुके हैं। हेगसेथ ने आगाह किया कि आने वाले हफ्तों में और अमेरिकी सैनिक हताहत हो सकते हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने कहा है कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षा सबसे बड़ी चिंता है, जिसका हल जरूरी है। अधिकारी ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों से पैदा खतरे को हमले शुरू करने का एक मुख्य कारण बता रहे हैं। साथ ही इसे सरकार के शीर्ष नेतृत्व को सत्ता से बेदखल करने का अवसर भी माना जा रहा है।

'हमारे सैनिकों को बहुत बड़ा खतरा है'

ट्रंप ने सोमवार को कहा, "ईरान का मिसाइल कार्यक्रम तेजी से और बहुत अधिक बढ़ रहा था। इससे अमेरिका तथा विदेशों में हमारे सैनिकों को बहुत बड़ा और सीधे खतरा है।" बता दें कि अमेरिका और ईरान संघर्ष अब पूरे क्षेत्र में फैल गया है। ईरान ने इजरायल, अरब देशों और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं।

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इस संघर्ष में अब तक छह अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। ट्रंप, हेगसेथ और केन ने और सैनिकों के हताहत होने की आशंका जताई है। नाम न उजागर करने की शर्त पर अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि सभी छह मौतें कुवैत में हुई हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने सोमवार को कहा कि ईरान के पहले पलटवार के बाद लापता दो सैनिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

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